मंडी कॉलेज के वार्षिक समारोह में मेधावी छात्र सम्मानित
रोहित ठाकुर ने आज प्रदेश के सबसे पुराने शैक्षणिक संस्थानों में से एक राजकीय वल्लभ महाविद्यालय मंडी के 75वें वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षा, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों तथा अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
छात्र जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव
समारोह को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि वार्षिक समारोह किसी भी छात्र के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को छात्र जीवन का भरपूर आनंद लेना चाहिए और साथ ही भविष्य की जिम्मेदारियों के ए स्वयं को तैयार भी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के दौर में प्रतिस्पर्धा तेजी से बढ़ रही है और ऐसे समय में कड़ी मेहनत, अनुशासन तथा लगन ही सफलता की कुंजी है।
कौशल आधारित शिक्षा पर सरकार का जोर
शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार कौशल आधारित और रोजगारोन्मुखी शिक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि इसी दिशा में सरकार ने सभी राजकीय महाविद्यालयों में कॉलेज रैंकिंग प्रणाली शुरू करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के विभिन्न कॉलेजों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में भी मदद मिलेगी।
सभी 134 कॉलेजों को रैंकिंग प्रणाली में शामिल किया जाएगा
रोहित ठाकुर ने कहा कि अभी तक राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद यानी राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) के अंतर्गत प्रदेश के केवल 34 कॉलेज शामिल हैं। mलेकिन शिक्षा विभाग की नई रैंकिंग प्रणाली में प्रदेश के सभी 134 राजकीय महाविद्यालयों को शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था को लागू करने की प्रक्रिया इसी माह से शुरू करने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
शिक्षण संस्थानों में आधारभूत ढांचे पर जोर
उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। इसके साथ ही प्राध्यापकों की नियुक्ति को भी प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में प्रदेश के विभिन्न कॉलेजों में 484 सहायक प्राध्यापकों की नियुक्तियां की गई हैं। इसके अतिरिक्त विभाग को 394 सहायक प्राध्यापकों के पद भरने की स्वीकृति भी मिल चुकी है और भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।
प्राचार्य पदों पर पदोन्नति
शिक्षा मंत्री ने बताया कि कॉलेज कैडर में पदोन्नति के माध्यम से लगभग 103 प्राचार्य पदों को भरा गया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप प्रदेश में उच्च शिक्षा का स्तर लगातार बेहतर हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज हिमाचल प्रदेश में उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात (GER) लगभग 43 प्रतिशत है, जो देश में दूसरा स्थान है।
स्कूल शिक्षा में भी सुधार
रोहित ठाकुर ने कहा कि स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार लगातार सुधार कर रही है। उन्होंने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश देश में पहले 21वें स्थान पर था, जो अब बढ़कर पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने शिक्षा विभाग में 7000 पदों पर नियुक्तियां की हैं और 4000 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है।
इसके अलावा विभाग द्वारा—
जेबीटी के 1800 पद
टीजीटी के 937 पद
भरे जा रहे हैं।
मंडी कॉलेज का गौरवशाली इतिहास
शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्ष 1948 में स्थापित मंडी कॉलेज का शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। यहां से शिक्षित अनेक छात्र देश और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंडी कॉलेज में निर्माणाधीन भवन के लिए सरकार बजट की कोई कमी नहीं आने देगी।
नए भवन के लिए 46 करोड़ की स्वीकृति
उन्होंने बताया कि मंडी कॉलेज के नए भवन के लिए लगभग 46 करोड़ 17 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। अब तक इस भवन के लिए करीब 18 करोड़ 50 लाख रुपये की राशि जारी की जा चुकी है। शेष कार्यों के लिए भी अनुमान तैयार किया जा रहा है और आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त राशि जारी की जाएगी।
अन्य नेताओं ने भी रखे विचार
इस अवसर पर पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में लगातार प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के प्रयासों से प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में देशभर में पांचवें स्थान पर पहुंचा है। स्थानीय विधायक एवं पूर्व मंत्री अनिल शर्मा ने भी मंडी कॉलेज के नए भवन के लिए स्वीकृत बजट के लिए प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
कार्यक्रम के दौरान कॉलेज के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। समारोह में कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजीव कुमार ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए संस्थान की शैक्षणिक उपलब्धियों और गतिविधियों की जानकारी दी। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, कॉलेज स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।