जुब्बल उपमंडल के खनाशनी क्षेत्र के गिलटाड़ी गाँव में आज एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व के अवसर पर हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने देवता गुडारू की नव निर्मित पालकी की प्राण प्रतिष्ठा में शिरकत की। गाँव में यह आयोजन अत्यंत श्रद्धा, आस्था और पारंपरिक उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ, जिसमें स्थानीय लोग, महिलाओं की कलश यात्रा और देवता कमेटी के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने देवस्थान पहुंचकर देवता गुडारू का आशीर्वाद प्राप्त किया और क्षेत्र की समृद्धि, खुशहाली और उत्तम वर्षा-जल संरक्षण की कामना की। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की देव संस्कृति अपनी अनूठी पहचान रखती है और यह हजारों वर्षों से समाज को एकजुट रखने का महत्वपूर्ण आधार रही है। उन्होंने कहा— “हमारी देव संस्कृति मात्र परंपरा नहीं, बल्कि जीवन मूल्य है। आधुनिकता की ओर बढ़ते हुए हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहना चाहिए, क्योंकि यही हमारी पहचान और सामाजिक सद्भाव की नींव है।”
✔ मंदिर निर्माण और पालकी निर्माण का इतिहास
गिलटाड़ी में वर्ष 2022 में देवता गुडारू का मंदिर निर्माण सम्पन्न हुआ था। इसके बाद नव निर्मित पालकी की प्राण प्रतिष्ठा का निर्णय लिया गया, जिसके अंतर्गत आज वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ पालकी का विधिवत पूजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में कलश यात्रा निकालकर समूचे वातावरण को पवित्र और उत्साहपूर्ण बना दिया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि हिमाचल के गाँवों की सामूहिक भावना और स्वैच्छिक सहयोग की यह परंपरा उन्हें प्रदेश के सबसे सांस्कृतिक रूप से समृद्ध क्षेत्रों में शामिल करती है।
✔ क्षेत्रीय विकास भी साथ–साथ
कार्यक्रम के दौरान रोहित ठाकुर ने यह भी बताया कि वर्ष 2023 में गिलटाड़ी गाँव के लिए संपर्क मार्ग का निर्माण पूरा किया गया था, जिससे स्थानीय लोगों को आवाजाही में बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में—
सड़क निर्माण
बिजली और जल सुविधाओं का विस्तार
शैक्षणिक ढांचे को मजबूत करने
सांस्कृतिक संरचनाओं को संजोने
पर लगातार कार्य कर रही है।
✔ देवता गुडारू का क्षेत्र में विशेष महत्व
गुडारू देवता का जुब्बल–कोटखाई क्षेत्र में अत्यधिक धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। महासू देव परिवार से संबंधित गुडारू देवता की पूजा गिलटाड़ी, झालटा और क्वालटा गाँवों में विशेष रूप से होती है। कार्यक्रम में उत्तराखंड के हनोल से चारों महासू देवताओं के प्रतीक ‘डोरिया’ को भी आमंत्रित किया गया, जिससे आयोजन का आध्यात्मिक महत्व और बढ़ गया।
✔ मंत्री का युवाओं के नाम संदेश
रोहित ठाकुर ने युवाओं से कहा कि वे शिक्षा, खेल, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ें, लेकिन अपनी सांस्कृतिक परंपराओं को कभी न भूलें। उन्होंने कहा—“आज का युवा यदि अपनी संस्कृति से जुड़ा रहेगा, तभी आधुनिक प्रगति भी मूल्यों के साथ चलेगी। देव परंपरा समाज को अनुशासन, समर्पण और सामूहिकता का संदेश देती है।”
✔ उपस्थित गणमान्य लोग
कार्यक्रम में निदेशक हिमफेड भीम सिंह झौटा, पूर्व जिला परिषद सदस्य मोतीलाल सिथता, देवता कमेटी के पदाधिकारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने प्राण प्रतिष्ठा के इस पावन आयोजन को क्षेत्र के लिए शुभ और ऐतिहासिक बताया।
