रोहित ठाकुर बोले- 99% साक्षरता, शिक्षा पर बड़ा बजट

rakesh nandan

29/03/2026

हिमाचल प्रदेश में शिक्षा क्षेत्र को मजबूती देने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। शिक्षा मंत्री Rohit Thakur ने कहा कि प्रदेश ने 1947 से अब तक शिक्षा के क्षेत्र में लंबा सफर तय किया है। जहां पहले साक्षरता दर मात्र 7 प्रतिशत थी, वहीं आज यह बढ़कर 99.30 प्रतिशत हो गई है, जो प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।

उन्होंने बताया कि कठिन वित्तीय परिस्थितियों के बावजूद राज्य सरकार ने शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लगभग 9666 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है, जो कुल बजट का करीब 18 प्रतिशत है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ शिक्षा प्रदान करना है।

शिक्षा मंत्री ने ठियोग विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सरोग में नव-निर्मित पुस्तकालय का उद्घाटन किया। इस अवसर पर Kuldeep Singh Rathore भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि यह आधुनिक पुस्तकालय ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों और आम जनता के लिए बेहद लाभकारी साबित होगा।

रोहित ठाकुर ने बताया कि प्रदेश में 151 सीबीएसई स्कूलों को स्वीकृति दी गई है, जिनमें ठियोग क्षेत्र के चार स्कूल—ठियोग, कुमारसैन, मतियाना और सैंज—शामिल हैं। इसके अलावा सरोग स्कूल में कॉमर्स विषय शुरू करने की घोषणा भी की गई है।

उन्होंने शिक्षा प्रणाली को और अधिक व्यावसायिक और रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए कहा कि 11वीं और 12वीं कक्षाओं में बागवानी को वोकेशनल विषय के रूप में पढ़ाया जाएगा। इससे छात्रों को कृषि और बागवानी के क्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे।

इसके साथ ही शिक्षा मंत्री ने विकास कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि 27 मार्च 2026 को 66 केवी प्रगतिनगर–हुल्ली डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन के दोनों सर्किट सफलतापूर्वक शुरू कर दिए गए हैं। इस परियोजना पर 12.33 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जिससे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और स्थिरता में सुधार होगा।

उन्होंने बताया कि इस नई ट्रांसमिशन लाइन के माध्यम से हुल्ली, सैंज और लस्ताधार उपकेंद्रों को बेहतर बिजली आपूर्ति मिल रही है। इससे वोल्टेज की समस्या कम होगी और भविष्य की बढ़ती मांग को पूरा करने में भी सहायता मिलेगी।

कोटखाई क्षेत्र में भी विकास कार्यों को गति दी जा रही है। यहां लोक निर्माण विभाग के 2 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले स्टाफ क्वार्टर टाइप-II का शिलान्यास किया गया। इसके अलावा बीडीओ कार्यालय के निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण कर अधिकारियों को समय पर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए।

शिक्षा मंत्री ने किसान गोष्ठी में भाग लेते हुए बागवानी और कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों और बागवानों को बेहतर सुविधाएं और तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने बताया कि कोटखाई में केंद्रीय विद्यालय खोलने की योजना भी एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध होगी।

इसके अलावा उन्होंने बताया कि जुब्बल-नावर-कोटखाई क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए 550 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। वहीं कोटखाई में ट्रॉमा सेंटर निर्माण की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है और जल्द ही इसका कार्य शुरू किया जाएगा।

स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री आदर्श स्वास्थ्य संस्थान कोटखाई में एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और दंत चिकित्सा की नई मशीनें स्थापित की गई हैं, जिससे स्थानीय लोगों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं मिल रही हैं।

कुल मिलाकर, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के इस दौरे ने स्पष्ट कर दिया कि प्रदेश सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और बुनियादी ढांचे के विकास पर समान रूप से ध्यान दे रही है। इन योजनाओं और घोषणाओं से आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश के समग्र विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।