नई सुविधाओं का लोकार्पण
शिक्षा मंत्री ने विश्वविद्यालय के स्मार्ट सेमिनार हॉल, रिक्रिएशनल हब और वेलनेस सेंटर का लोकार्पण किया। साथ ही विश्वविद्यालय के न्यूजलेटर का भी विमोचन किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि देवभूमि हिमाचल ऋषि-मुनियों और विद्वानों की तपोभूमि रही है और आज शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की साक्षरता दर 99.3 प्रतिशत है और शिक्षा विभाग का बजट अन्य राज्यों की तुलना में अधिक है।
शिक्षा क्षेत्र में सुधारों पर जोर
रोहित ठाकुर ने कहा कि युवा पीढ़ी देश की रीढ़ है और शिक्षण संस्थानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने निजी और सरकारी विश्वविद्यालयों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा में मेरिट आधारित प्रणाली को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में शिक्षा विभाग के तहत 7,000 से अधिक अध्यापकों की नियुक्ति की गई है तथा 4,000 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। 600 पद सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों के लिए भरे जा रहे हैं। प्रथम चरण में 148 राजकीय पाठशालाओं को सीबीएसई से संबद्ध किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि 1300 स्कूलों को डिनोटिफाई किया गया था, जहां विद्यार्थियों की संख्या बहुत कम थी। ऐसे स्कूलों का विलय कर संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया गया है।
प्रतिभागियों को सम्मान
कार्यक्रम के दौरान मीडिया टीम, मूट कोर्ट प्रतिभागियों, एंटी रैगिंग दल, टैलेंट हंट, स्टूडेंट पार्लियामेंट और ‘एकृति’ के प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अदिति और मुस्कान ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। छात्राओं ने पंजाबी नृत्य तथा विद्यार्थियों ने पहाड़ी लोक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों की सराहना प्राप्त की। इस अवसर पर एचपीपीईआरसी सदस्य ललित कुमार, डॉ. एच.एस. सेखों, डॉ. शशिकांत, डॉ. मनीषा कोहली, डॉ. सी.पी. मेहता, डॉ. दीपक गुप्ता, डॉ. ज्योति धर शर्मा और एसएचओ छोटा शिमला ममता ठाकुर सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।