नेरचौक मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी सुविधा का शुभारंभ
सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज मंडी जिले के श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय मेडिकल कॉलेज नेरचौक में रोबोटिक सर्जरी सुविधा का शुभारंभ किया। इस अत्याधुनिक और विश्वस्तरीय तकनीक को स्थापित करने पर 28.44 करोड़ रुपये की लागत आई है। उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री ने अस्पताल में की गई पहली रोबोटिक सर्जरी को भी देखा। इससे पहले प्रदेश में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा अटल सुपरस्पेशलिटी अस्पताल चमियाणा तथा डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज टांडा में शुरू की जा चुकी है।
अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी जल्द शुरू होगी सुविधा
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही रोबोटिक सर्जरी की सुविधा प्रदेश के अन्य प्रमुख मेडिकल संस्थानों में भी शुरू की जाएगी।
उन्होंने बताया कि:
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला
हमीरपुर मेडिकल कॉलेज
में भी रोबोटिक सर्जरी शुरू करने की प्रक्रिया जारी है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक चिकित्सा तकनीक उपलब्ध करवाई जाए।
रोबोटिक सर्जरी से बेहतर परिणाम
मुख्यमंत्री ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी से मरीजों को बेहतर और सटीक उपचार मिलता है।
उन्होंने जानकारी दी कि:
चमियाणा अस्पताल में अब तक 151 सर्जरी
टांडा मेडिकल कॉलेज में 92 ऑपरेशन
रोबोटिक तकनीक से सफलतापूर्वक किए जा चुके हैं।
इन सर्जरी के परिणाम भी काफी बेहतर रहे हैं, जिससे मरीजों को आधुनिक चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिल रहा है।
मेडिकल कॉलेजों में हाईएंड तकनीक पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि राज्य के मेडिकल कॉलेज एम्स दिल्ली के स्तर की आधुनिक तकनीक से सुसज्जित हों। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मेडिकल कॉलेज केवल रेफरल संस्थान बनकर न रहें, बल्कि यहां मरीजों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हों। इसके लिए सरकार चिकित्सकों को एक्सपोजर विजिट पर भी भेजेगी ताकि वे नई तकनीकों के बारे में बेहतर जानकारी हासिल कर सकें।
स्वास्थ्य क्षेत्र में तीन हजार करोड़ का निवेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए बड़े स्तर पर निवेश कर रही है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में राज्य सरकार आधुनिक चिकित्सा तकनीकों पर लगभग 3000 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है। उन्होंने कहा कि आरडीजी बंद होने के कारण प्रदेश के बजट में लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की कमी आई है, लेकिन इसके बावजूद स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए धन की कमी नहीं आने दी जाएगी।
नेरचौक मेडिकल कॉलेज में नए विभाग और सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि नेरचौक मेडिकल कॉलेज में कई नई सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
उन्होंने घोषणा की कि यहां:
हृदय रोग विभाग स्थापित किया जाएगा
सभी विभागों में पीजी कोर्स शुरू किए जाएंगे
जहां प्रोफेसर उपलब्ध नहीं हैं, वहां एकमुश्त छूट दी जाएगी
सीनियर रेजिडेंट (SR) पदों की संख्या बढ़ाई जाएगी
इसके साथ ही रेडियोलॉजी विभाग सहित अन्य विभागों को भी सशक्त किया जाएगा और डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ तथा तकनीशियनों के खाली पद भरे जाएंगे।
नई चिकित्सा मशीनें भी लगेंगी
मुख्यमंत्री ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में कई आधुनिक चिकित्सा उपकरण भी लगाए जाएंगे।
इनमें शामिल हैं:
थ्री टेस्ला एमआरआई मशीन
LINAC मशीन
पैट स्कैन मशीन
इसके अलावा नेरचौक ट्रॉमा सेंटर में खाली पदों को भरकर इमरजेंसी सेवाओं को मजबूत किया जाएगा।
डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के स्टाइपेंड में भी वृद्धि की है।
सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों का स्टाइपेंड 40 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपये
सुपर स्पेशलिस्ट सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों का स्टाइपेंड 1 लाख से बढ़ाकर 1.30 लाख रुपये
किया गया है।
डॉक्टरों और स्टाफ से किया संवाद
मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेज नेरचौक के डॉक्टरों और स्टाफ से संवाद भी किया और अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं तथा कमियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सुझावों को नीति में शामिल किया जाएगा ताकि प्रदेश के मरीजों को बेहतर इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े।