परिवहन विभाग हिमाचल प्रदेश द्वारा 38वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026 के तहत जिला सिरमौर में 1 जनवरी से 31 जनवरी तक सड़क सुरक्षा–जीवन रक्षा अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आज नाहन में सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बाइक रैली का आयोजन किया गया। इस बाइक रैली को प्रियंका वर्मा, उपायुक्त सिरमौर ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर एन.एस. नेगी, पुलिस अधीक्षक सिरमौर तथा सोना चंदेल, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सिरमौर भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
🚦 यातायात नियमों की अनदेखी से बढ़ रहे हादसे: उपायुक्त
मीडिया से बातचीत में उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में लगातार वृद्धि का मुख्य कारण यातायात नियमों की अनदेखी है। उन्होंने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य आमजन को यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूक करना और सड़क हादसों में कमी लाना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सड़क सुरक्षा नियमों को अपनाकर स्वयं और दूसरों के जीवन की रक्षा करें।
👮 सड़क सुरक्षा को लेकर निरंतर अभियान: एसपी
पुलिस अधीक्षक एन.एस. नेगी ने कहा कि सिरमौर पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन मिलकर सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
🚘 मोबाइल का प्रयोग और लापरवाही बन सकती है जानलेवा: आरटीओ
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सोना चंदेल ने वाहन चालकों और पैदल यात्रियों से अपील की कि वाहन चलाते समय मोबाइल फोन, हेडफोन या अन्य गैजेट्स का प्रयोग न करें, क्योंकि इससे ध्यान भटकता है और दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि रात के समय या कम रोशनी में रिफ्लेक्टिव या चमकीले कपड़े पहनना जरूरी है, ताकि वाहन चालक आपको आसानी से देख सकें। उन्होंने यह भी बताया कि बच्चों के साथ सड़क पार करते समय उनका हाथ पकड़कर चलें, खड़ी गाड़ियों के बीच से सड़क पार न करें और केवल सुरक्षित स्थानों का ही उपयोग करें। नशे की हालत में पैदल चलना भी जानलेवा हो सकता है, वहीं सड़क डिवाइडर या रेलिंग फांदकर पार करना कानूनन अपराध है। अधिकारियों ने कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कर ही अनमोल मानव जीवन की रक्षा संभव है।
