ऊना में रेड रिबन क्लबों के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित
ऊना में गुरुवार को जिला के विभिन्न महाविद्यालयों और प्रशिक्षण संस्थानों के रेड रिबन क्लबों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव कुमार वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें छात्र-शिक्षकों और नोडल अधिकारियों को स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।
युवाओं को जागरूक बनाने पर दिया जोर
सीएमओ डॉ. संजीव कुमार वर्मा ने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य युवाओं और शिक्षकों को एचआईवी/एड्स की रोकथाम, स्वैच्छिक रक्तदान, नशा मुक्ति और यौन स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि युवाओं में सही जानकारी और जागरूकता फैलाना बेहद जरूरी है, क्योंकि यही वर्ग समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं में नेतृत्व क्षमता को विकसित करते हैं और उन्हें समाज में जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित करते हैं।
रेड रिबन क्लब गतिविधियों की समीक्षा
कार्यशाला के दौरान सीएमओ ने जिला के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में संचालित रेड रिबन क्लबों की गतिविधियों की भी समीक्षा की। उन्होंने छात्रों को समाज में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता फैलाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
रेड रिबन क्लब के माध्यम से छात्र विभिन्न गतिविधियों जैसे—
स्वास्थ्य जागरूकता अभियान
रक्तदान शिविर
नशा मुक्ति अभियान
स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता कार्यक्रम
आदि का आयोजन करते हैं।
एचआईवी/एड्स से बचाव पर दी जानकारी
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को एचआईवी/एड्स के प्रसार से बचाव के उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व और इससे जुड़ी भ्रांतियों को भी दूर करने का प्रयास किया गया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि रक्तदान एक सुरक्षित और मानवीय कार्य है, जिससे कई लोगों की जान बचाई जा सकती है।
युवाओं में बढ़ती नशाखोरी पर चिंता
कार्यशाला में युवाओं के बीच बढ़ती नशाखोरी की समस्या पर भी चर्चा की गई। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि नशे से दूर रहना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना युवाओं के भविष्य के लिए बेहद आवश्यक है। इसके अलावा प्रतिभागियों को जीवन कौशल, यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी जानकारी प्रदान की गई।
हेल्पलाइन और सोशल मीडिया की जानकारी
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को 1097 नि:शुल्क हेल्पलाइन के बारे में भी जानकारी दी गई। इसके साथ ही राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन और एचपीएसएसीएस के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के बारे में भी बताया गया, ताकि लोग इन माध्यमों से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकें।
जिला में टीबी नियंत्रण में सुधार
सीएमओ ने बताया कि जिला ऊना में टीबी नियंत्रण के लिए बेहतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समय पर जांच और उपचार की व्यवस्था के कारण टीबी के मामलों में कमी आई है और रोगियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
एचपीवी टीकाकरण अभियान की समीक्षा
कार्यशाला के दौरान एचपीवी टीकाकरण अभियान की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। सीएमओ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की सभी बालिकाओं का यू-विन पोर्टल पर जल्द पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए।
यह टीकाकरण अभियान निम्न तिथियों पर आयोजित होगा—
29 मार्च
5 अप्रैल
12 अप्रैल
27 स्वास्थ्य संस्थानों में लगेगा टीका
उन्होंने बताया कि एचपीवी टीकाकरण अभियान के तहत जिले के 27 स्वास्थ्य संस्थानों में टीकाकरण किया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य बालिकाओं के स्वास्थ्य संरक्षण को मजबूत करना है।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान
सीएमओ ने गर्भवती महिलाओं के समय पर पंजीकरण और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि पहले जहां गर्भवती महिलाओं की चार प्रसवपूर्व जांचें होती थीं, वहीं अब विंग्स स्केल प्रोजेक्ट के तहत आठ प्रसवपूर्व जांचें सुनिश्चित की जाएंगी। इससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष ध्यान दिया जा सकेगा।
कई अधिकारी और प्रतिभागी रहे उपस्थित
इस प्रशिक्षण कार्यशाला में कई स्वास्थ्य अधिकारी और विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से शामिल रहे—
डॉ. संजय मनकोटिया
डॉ. विशाल ठाकुर
गोपाल कृष्ण
रीता वर्मा
कंचन माला
दीपक चब्बा
डॉ. प्रशांत वर्मा
इसके अलावा विभिन्न महाविद्यालयों और प्रशिक्षण संस्थानों के प्रतिभागियों ने भी कार्यशाला में भाग लिया।