जिला किन्नौर के रिकांग पिओ में आयोजित विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SADA) की बैठक में क्षेत्रीय विकास, स्वच्छता और पर्यटन को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस बैठक की अध्यक्षता राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन-शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने एकीकृत जनजातीय विकास परियोजना भवन के सम्मेलन कक्ष में की।
बैठक के दौरान मंत्री ने अधिकारियों से पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के क्रियान्वयन की स्थिति पर विस्तृत जानकारी मांगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि योजनाओं का लाभ आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके।
मंत्री ने साडा के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में ठोस कचरा प्रबंधन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सूखे और गीले कचरे का उचित निपटान सुनिश्चित किया जाए और डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को मजबूत किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने दिसंबर 2025 से मार्च 2026 तक एकत्रित सेवा शुल्क और खुले में कचरा फेंकने वालों से वसूले गए चालानों की राशि का भी ब्यौरा मांगा और उसके उचित उपयोग पर जोर दिया।
बैठक में शहर की बुनियादी सुविधाओं पर भी चर्चा की गई। स्ट्रीट लाइटों की स्थिति, सार्वजनिक शौचालयों का रख-रखाव, नालियों की नियमित सफाई और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने कहा कि इन सुविधाओं में सुधार से न केवल स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि पर्यटकों के अनुभव में भी सकारात्मक बदलाव आएगा।
पर्यटन विकास के दृष्टिकोण से कल्पा गांव के सौंदर्यकरण पर भी विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों ने इस संबंध में एक रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें गांव को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना शामिल है। मंत्री ने कहा कि इससे स्थानीय लोगों की आय में वृद्धि होगी और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
इसके अलावा, पोवारी में ठोस कचरा प्रबंधन प्रणाली के रख-रखाव, सांगला में पार्किंग व्यवस्था को बेहतर बनाने, रिकांग पिओ में विज्ञापन और शूटिंग के लिए दरें निर्धारित करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी निर्णय लिए गए। ड्रोन शूटिंग के लिए नियम तय करने और जंगलों में कचरा फेंकने वालों पर नजर रखने के लिए कैमरे लगाने के निर्देश भी दिए गए।
मंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि इन सभी निर्णयों को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वच्छता और पर्यटन विकास एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और दोनों क्षेत्रों में समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है।
बैठक की कार्यवाही का संचालन उपमंडलाधिकारी कल्पा एवं साडा के सदस्य सचिव अमित कल्थाईक ने किया। उन्होंने बैठक में उठाए गए विभिन्न मुद्दों की जानकारी मुख्य अतिथि को दी और भविष्य की कार्ययोजना पर भी चर्चा की।
इस अवसर पर परियोजना अधिकारी आईटीडीपी घनश्याम दास शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश नेगी, पुलिस उपाधीक्षक उमेश्वर राणा, जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. प्रवीण शर्मा और विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता टाशी छोड़ूप नेगी सहित कई अधिकारी और गैर सरकारी सदस्य उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर, रिकांग पिओ में आयोजित यह साडा बैठक क्षेत्र के समग्र विकास, स्वच्छता और पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। इससे न केवल बुनियादी सुविधाओं में सुधार होगा, बल्कि किन्नौर जिले की पर्यटन क्षमता को भी नई पहचान मिलेगी।
