नशा मुक्त भारत अभियान की 5वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में हिमाचल प्रदेश पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम ने मंगलवार को ग्राम पंचायत रैल में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता निगम के उपाध्यक्ष डॉ. मोहन लाल ने की।
स्थानीय लोगों और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रैल के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए डॉ. मोहन लाल ने कहा कि प्रदेश में नशे की विकराल समस्या को देखते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार ने एक व्यापक नशा विरोधी अभियान शुरू किया है।
उन्होंने कहा कि—
“जब तक हर नागरिक अपनी भूमिका निभाते हुए नशे के खिलाफ आवाज़ नहीं उठाएगा, तब तक समाज से इस बुराई को समाप्त करना संभव नहीं है। हमारी युवा पीढ़ी को बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।”
उपाध्यक्ष ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम प्रदेशभर में जागरूकता शिविर आयोजित कर रहा है, जिनका उद्देश्य—
लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करना,
तथा निगम द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देना है।
निगम की योजनाओं पर दी जानकारी
इससे पहले कार्यक्रम में निगम के उप महाप्रबंधक सतीश ठाकुर ने मुख्य अतिथि व उपस्थित प्रतिभागियों का स्वागत किया और निगम की गतिविधियों व लाभकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
स्थानीय पाठशाला के शिक्षक वीरेंद्र ठाकुर ने भी नशा मुक्ति के सामाजिक महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।
पंचायत ने जताया धन्यवाद
पंचायत प्रधान रेणु बाला ने कार्यक्रम आयोजन के लिए निगम के उपाध्यक्ष एवं अन्य अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता लाने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख लोग
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी, विद्यार्थी और पंचायत प्रतिनिधि मौजूद रहे। इनमें प्रमुख रूप से—
रमेश पराशर (निदेशक मंडल सदस्य, विपणन बोर्ड), अनीता कुमारी (फील्ड अफसर, निगम), कुलदीप सिंह (क्षेत्रीय अधिकारी), पंचायत उपप्रधान मदन लाल, पंचायत सदस्य अनीता चौधरी, बिहारी लाल, कमलेश लता, बिनता देवी, सचिव अंशिका शर्मा, तकनीकी सहायक कुसुम चंदेल, सिलाई अध्यापिका आशा देवी, आदि शामिल रहे।