AI समिट के दौरान विरोध पर रश्मि धर सूद की प्रतिक्रिया
Rashmi Dhar Sood, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष, ने एआई समिट के दौरान दिल्ली और शिमला में यूथ कांग्रेस द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर के आयोजन के समय इस प्रकार की गतिविधियाँ लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ हैं और देश की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाने वाली हैं।
पुतला फूंकने के प्रयास पर आपत्ति
रश्मि धर सूद ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi का पुतला फूंकने का प्रयास न केवल अशोभनीय है बल्कि यह दर्शाता है कि कांग्रेस और उसकी युवा इकाई राजनीतिक लाभ के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की आलोचना करते-करते कांग्रेस देश की ही आलोचना करने लगती है, जो समझ से परे है।
वैश्विक मंच पर भारत की छवि का मुद्दा
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की छवि वैश्विक मंच पर नई ऊँचाइयों तक पहुँची है। एआई समिट जैसे आयोजनों में विभिन्न देशों के प्रतिनिधि भारत की प्रगति और नेतृत्व क्षमता की सराहना कर रहे हैं। ऐसे समय में विरोध के नाम पर देश की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने का प्रयास दुर्भाग्यपूर्ण है।
‘सोची-समझी साजिश’ का आरोप
रश्मि धर सूद ने आरोप लगाया कि यह कोई आकस्मिक घटना नहीं बल्कि एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अन्य राज्यों में भी इसी प्रकार के प्रयास किए जा सकते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि देश की जनता “दूध का दूध और पानी का पानी” करना जानती है और सही-गलत का फर्क समझती है।
संसद में आचरण पर भी सवाल
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि संसद में भी कांग्रेस द्वारा महिलाओं को ढाल बनाकर राजनीतिक प्रदर्शन करने का प्रयास किया गया, जो उनकी राजनीति के गिरते स्तर को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश निरंतर प्रगति कर रहा है और ऐसे विरोध उसकी गति को रोक नहीं सकते।
प्रदेशवासियों से अपील
रश्मि धर सूद ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे राष्ट्रहित और विकास की राजनीति को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता ही अंतिम निर्णयकर्ता होती है और आगामी चुनावों में कांग्रेस को जवाब देगी। उन्होंने विश्वास जताया कि “सबका साथ, सबका विकास” के मंत्र के साथ भाजपा प्रदेश और देश की सेवा करती रहेगी।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
एआई समिट से जुड़े घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इस मुद्दे पर आने वाले दिनों में और भी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।