आत्मरक्षा प्रशिक्षण 2025–26 से हिमाचल की बेटियाँ सशक्त

rakesh nandan

07/12/2025

हिमाचल प्रदेश में रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम 2025–26 तेजी से प्रगति कर रहा है और प्रदेश की हजारों बेटियों को सुरक्षा, आत्मविश्वास और साहस का नया संबल प्रदान कर रहा है। यह कार्यक्रम समग्र शिक्षा हिमाचल प्रदेश, शिमला के निर्देशन में तथा शस्त्रांग इंडियन मॉडर्न मार्शल आर्ट के सहयोग से पूरे प्रदेश में लागू किया जा रहा है।

इसी कड़ी में आज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पंझार (GSSS पंझार), नाहन में छात्राओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का नेतृत्व ग्रैंडमास्टर बिक्रम एस. थापा, विजनरी जनरल सेक्रेटरी एवं CEO, शस्त्रांग इंडियन मॉडर्न मार्शल आर्ट, ने किया। उनके साथ सुशमिता (2nd डिग्री ब्लैक बेल्ट), पर्दीप राणा और अरुण चौहान (जिला समन्वयक, शस्त्रांग प्रोजेक्ट, सिरमौर) भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में गिरधारी लाल शर्मा और अमर मीरा, जिला आत्मरक्षा समन्वयक (समग्र शिक्षा), उपस्थित रहे, जिनकी उपस्थिति से प्रशिक्षण और अधिक प्रभावी एवं प्रेरक बना।

ग्रैंडमास्टर थापा ने छात्राओं को व्यावहारिक परिस्थितियों में कारगर आत्मरक्षा तकनीकें सिखाईं। उन्होंने बताया कि पेन, चाबी, पेंसिल जैसी रोजमर्रा की वस्तुएँ भी आपात स्थिति में महत्वपूर्ण हथियार बन सकती हैं।
उन्होंने आत्मरक्षा को केवल एक तकनीक नहीं, बल्कि मानसिकता, आत्मविश्वास और अधिकार बताया।

सत्र के दौरान ग्रैंडमास्टर थापा ने कहा—

“इस कार्यक्रम के माध्यम से हम हिमाचल प्रदेश के 3,240 सरकारी विद्यालयों की हर बेटी को आत्मनिर्भर, सुरक्षित और निडर बनाना चाहते हैं। आत्मरक्षा सीखना केवल कौशल नहीं, बल्कि जीवन भर साथ चलने वाला आत्मविश्वास है।”

छात्राओं ने तकनीकों का अभ्यास करते हुए उत्साह और साहस का प्रदर्शन किया। प्रशिक्षण से उनमें आत्मविश्वास एवं सुरक्षा की भावना और मजबूत हुई।

रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदेश की लाखों बेटियों को सशक्त बना रहा है और उन्हें हर परिस्थिति में खुद की रक्षा करने का आत्मबल प्रदान कर रहा है।

यह पहल हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में बेटियों के लिए सुरक्षित, सक्षम और आत्मविश्वासी भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।