Bharatiya Janata Party के मीडिया प्रभारी, प्रवक्ता एवं विधायक Randhir Sharma ने एक प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी हुई है और ईमानदारी का केवल दिखावा कर रही है।
⚠️ चेस्टर हिल प्रकरण पर सवाल
रणधीर शर्मा ने सोलन के चेस्टर हिल भूमि प्रकरण को लेकर सरकार को घेरते हुए कहा कि इस मामले ने प्रशासनिक तंत्र की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब किसी मामले में अधिकारी स्वयं सामने आकर सफाई देने लगें और सरकार मौन रहे, तो स्थिति बेहद गंभीर होती है।
🏛️ अधिकारियों पर संरक्षण के आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार भ्रष्ट अधिकारियों को संरक्षण दे रही है और उन्हें महत्वपूर्ण पदों पर बनाए रखने के लिए एक्सटेंशन दिया जा रहा है।
रणधीर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय अब निर्णयों का केंद्र कम और “कमीशन कल्चर” का अड्डा ज्यादा बन चुका है।
💰 एंट्री टैक्स पर सरकार घिरी
एंट्री टैक्स के मुद्दे पर उन्होंने सरकार पर विधानसभा को गुमराह करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने सदन में कुछ और कहा, जबकि अधिसूचना में अलग प्रावधान लागू किए गए।
उन्होंने बताया कि 5-सीटर वाहनों पर ₹100 एंट्री टैक्स लगाने से आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है।
🚧 बॉर्डर पर अव्यवस्था
उन्होंने आरोप लगाया कि 1 अप्रैल को राज्य की सीमाओं पर अव्यवस्था की स्थिति रही—
- कहीं पुराने रेट वसूले गए
- कहीं नई अधिसूचना लागू की गई
- परिवहन क्षेत्र में भ्रम और आक्रोश देखने को मिला
उन्होंने कहा कि इस फैसले का असर व्यापार, टैक्सी ऑपरेटर और पर्यटन उद्योग पर भी पड़ेगा।
🗳️ पंचायती राज चुनाव पर सवाल
रणधीर शर्मा ने पंचायती राज चुनावों को लेकर भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि सरकार चुनाव टालने और रोस्टर में बदलाव के माध्यम से धांधली की तैयारी कर रही है।
उन्होंने इसे संविधान के अनुच्छेद 243(D) और पंचायती राज अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन बताया।
📉 बजट पर भी उठाए सवाल
उन्होंने प्रदेश सरकार के बजट को दिशाहीन बताते हुए कहा—
- विकास बजट में कमी आई है
- प्रदेश का कर्ज 1 लाख करोड़ से अधिक हो गया है
- राजस्व घाटा लगातार बढ़ रहा है
उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों में स्पष्टता और विकास की दिशा का अभाव है।
⚖️ न्यायिक जांच की मांग
रणधीर शर्मा ने चेस्टर हिल सहित सभी मामलों की जांच हाईकोर्ट के सिंगल जज से करवाने की मांग की, ताकि निष्पक्ष जांच हो सके।
📢 आंदोलन का ऐलान
अंत में उन्होंने बताया कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में 8 से 11 अप्रैल तक प्रदेश के 68 विधानसभा क्षेत्रों में धरना-प्रदर्शन किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि भाजपा जनता के मुद्दों को लेकर सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी और सरकार की नीतियों को जनता के सामने लाएगी।
📝 निष्कर्ष
कुल मिलाकर, इस प्रेस वार्ता में भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे प्रदेश की राजनीति में आगामी दिनों में और गर्माहट बढ़ने की संभावना है।