‘हिमाचल विद्रोही’ टिप्पणी पर भाजपा का पलटवार
Rakesh Jamwal, भाजपा मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक, ने राजस्व मंत्री Jagat Singh Negi के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को “हिमाचल विद्रोही” कहना मंत्री की बौखलाहट और असंयमित भाषा का परिचायक है। जमवाल ने आरोप लगाया कि इस प्रकार की टिप्पणियां सरकार की हताशा को दर्शाती हैं।
RDG पर उठाए सवाल
राकेश जमवाल ने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान (RDG) के विषय पर सदन में विस्तृत चर्चा हो चुकी है और यह पूरा रिकॉर्ड का हिस्सा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा ने कभी ग्रांट बंद करने की बात नहीं कही, बल्कि यह प्रश्न उठाया कि यह बंद क्यों हुई। जमवाल ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार वित्त आयोग के समक्ष अपना पक्ष प्रभावी ढंग से रखने में विफल रही, जिसके कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई।
बढ़ते कर्ज और खर्चों पर चिंता
उन्होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग ने ग्रांट में चरणबद्ध कमी का संकेत पहले ही दे दिया था, लेकिन सरकार ने न तो खर्चों में कटौती की और न ही आय बढ़ाने की ठोस योजना बनाई। इसके विपरीत, विभिन्न पदों पर नियुक्तियों से खर्च का बोझ बढ़ाया गया। जमवाल ने दावा किया कि तीन वर्षों में प्रदेश का कर्ज 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है, जबकि सरकार 2027 तक आत्मनिर्भर हिमाचल के दावे कर रही है।
केंद्र सहायता का मुद्दा
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में आपदा राहत के लिए लगभग ₹286 करोड़ की राशि जारी की गई, जो प्रदेश के लिए बड़ी सहायता है। इसके बावजूद राज्य सरकार केंद्र पर आरोप लगा रही है, जो “उल्टा चोर कोतवाल को डांटे” जैसी स्थिति है।
विपक्ष पर आरोप लगाने के बजाय सुधार की मांग
राकेश जमवाल ने कहा कि सरकार को विपक्ष पर अनर्गल आरोप लगाने के बजाय अपनी नीतियों और प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सुधार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेशहित के मुद्दों पर मजबूती से आवाज उठाती रहेगी और जनहित के विषयों को आगे बढ़ाती रहेगी।