₹44,519 करोड़ पर सवाल, कांग्रेस सरकार घिरी

rakesh nandan

29/03/2026

हिमाचल प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता Rakesh Jamwal ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए राज्य में विकास कार्यों की धीमी गति को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।

राकेश जमवाल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पिछले तीन वर्षों में हिमाचल प्रदेश को ₹44,519 करोड़ की भारी वित्तीय सहायता प्रदान की गई है, इसके बावजूद प्रदेश में अपेक्षित विकास नहीं दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा स्वयं मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए बयान पर आधारित है, जिससे सरकार की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगते हैं।

उन्होंने वर्षवार आंकड़ों का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 2023-24 में ₹16,592 करोड़, वर्ष 2024-25 में ₹16,192 करोड़ और वर्ष 2025-26 में ₹11,735 करोड़ की सहायता केंद्र सरकार द्वारा दी गई। यह राशि विभिन्न माध्यमों जैसे आरडीजी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, केंद्र प्रायोजित योजनाओं और बाह्य सहायता परियोजनाओं के तहत प्रदान की गई है।

जमवाल ने कहा कि इतनी बड़ी राशि मिलने के बावजूद प्रदेश में विकास कार्यों की गति बेहद धीमी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार इस धन का प्रभावी उपयोग करने में विफल रही है, जिससे जनता को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

उन्होंने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक ओर “समान विकास” की बात की जाती है, वहीं दूसरी ओर कई सरकारी कार्यालय आज भी निजी भवनों में किराए पर संचालित हो रहे हैं। उन्होंने पूछा कि जब सरकारी भवन उपलब्ध हैं, तो उनका उपयोग क्यों नहीं किया जा रहा? क्या यह सार्वजनिक धन की बर्बादी नहीं है?

राकेश जमवाल ने रोजगार के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों को कम करने की चर्चा चल रही है, जिससे हजारों युवाओं के रोजगार पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार रोजगार देने के बजाय रोजगार छीनने का काम कर रही है।

उन्होंने स्मार्ट मीटर और अन्य योजनाओं को लेकर भी सरकार की नीतियों को अस्पष्ट बताया। उन्होंने कहा कि नीति निर्माण में स्पष्टता का अभाव और निर्णय लेने में देरी के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और जनता भ्रमित हो रही है।

भाजपा नेता ने कहा कि केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश के विकास के लिए निरंतर सहयोग कर रही है, लेकिन राज्य सरकार उस सहयोग का सही तरीके से उपयोग नहीं कर पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई योजनाएं केवल कागजों तक सीमित हैं और जमीनी स्तर पर उनका कोई ठोस प्रभाव दिखाई नहीं देता।

जमवाल ने प्रदेश सरकार से मांग की कि वह स्पष्ट रूप से बताए कि केंद्र से प्राप्त ₹44,519 करोड़ की राशि किन-किन परियोजनाओं पर खर्च की गई है, कितनी योजनाएं पूरी हुई हैं और कितनी अभी लंबित हैं।

उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना किसी भी सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है। यदि जनता को यह जानकारी नहीं मिलती कि सरकारी धन का उपयोग कैसे किया जा रहा है, तो इससे सरकार की विश्वसनीयता पर भी असर पड़ता है।

अंत में राकेश जमवाल ने कहा कि भाजपा इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि केंद्र से मिलने वाली प्रत्येक राशि का उपयोग सही दिशा में हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को विकास का वास्तविक लाभ मिलना चाहिए और इसके लिए सरकार को जवाबदेह बनाना आवश्यक है।