Rajiv Bindal, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, ने अंतरराष्ट्रीय एआई समिट के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
उन्होंने कहा कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण होने के साथ-साथ भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का सुनियोजित प्रयास प्रतीत होती है।
“राष्ट्र की छवि धूमिल करने की साजिश”
डॉ. बिंदल ने कहा कि जब दुनिया के अनेक देश भारत में एकत्र होकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा कर रहे थे और भारत का मान-सम्मान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रहा था, उसी दौरान कार्यक्रम में विरोध प्रदर्शन किया जाना गंभीर विषय है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस समर्थित तत्वों द्वारा कार्यक्रम स्थल के भीतर अभद्र प्रदर्शन करना राष्ट्र की छवि को धूमिल करने की साजिश है।
सुरक्षा प्रबंधों पर सवाल
उन्होंने कहा कि सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बावजूद कार्यक्रम स्थल के अंदर इस प्रकार की घटना होना चिंताजनक है।
डॉ. बिंदल के अनुसार, यह दर्शाता है कि राजनीतिक निराशा में कुछ लोग अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी विवाद खड़ा करने से पीछे नहीं हट रहे हैं।
राष्ट्रहित बनाम राजनीति
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने के अवसर पर सभी राजनीतिक दलों को एकजुट होकर राष्ट्रहित में कार्य करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों में देश की प्रतिष्ठा सर्वोपरि होती है और किसी भी प्रकार का विरोध यदि मर्यादा के बाहर हो, तो उसका असर अंतरराष्ट्रीय छवि पर पड़ता है।
लोकतांत्रिक जवाब की बात
डॉ. बिंदल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी इस प्रकार की हरकतों की कड़े शब्दों में निंदा करती है
उन्होंने विश्वास जताया कि देश की जनता ऐसे कृत्यों का लोकतांत्रिक तरीके से उचित जवाब देगी।
उन्होंने इसे कांग्रेस की हताशा और राजनीतिक निराशा का प्रमाण बताया।
एआई समिट का महत्व
अंतरराष्ट्रीय एआई समिट जैसे आयोजन भारत को तकनीकी और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी राष्ट्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वर्तमान समय में वैश्विक विकास, डिजिटल अर्थव्यवस्था और औद्योगिक नवाचार का प्रमुख आधार बन चुका है।
ऐसे में इस प्रकार की घटनाएं राजनीतिक बहस का विषय बन गई हैं।
निष्कर्ष
अंतरराष्ट्रीय एआई समिट के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने इसे राष्ट्र की वैश्विक छवि को धूमिल करने का प्रयास बताया है, जबकि इस मुद्दे पर आगे भी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।
यह प्रकरण अंतरराष्ट्रीय मंचों पर राजनीतिक आचरण और राष्ट्रहित के प्रश्न को लेकर नई बहस को जन्म दे रहा है।