भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश आज अभूतपूर्व और अत्यंत विकट परिस्थितियों से गुजर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की सरकार सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में पूरी तरह विफल, दिशाहीन और आपसी कलह में उलझी हुई है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि स्थिति यह हो गई है कि प्रदेश का सचिवालय, जहां से जनता के हित में निर्णय होने चाहिए, आज युद्धभूमि में तब्दील हो चुका है। एक मंत्री दूसरे मंत्री को कोस रहा है, मंत्री प्रशासनिक अधिकारियों पर दोष मढ़ रहे हैं और अधिकारी इस असमंजस में फंसे हैं कि वे अपने कर्तव्य निभाएं या राजनीतिक दबाव सहें। उन्होंने कहा कि सरकार प्रशासन से लड़ रही है और प्रशासन स्वयं को असहाय व डिमोरलाइज महसूस कर रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की इस अंदरूनी लड़ाई का सबसे बड़ा खामियाजा प्रदेश की जनता भुगत रही है। जनता त्रस्त और असुरक्षित है, जबकि सरकार के नेता सत्ता की आपसी लड़ाई में व्यस्त हैं। डॉ. बिंदल ने कहा कि हिमाचल के 70 वर्षों के इतिहास में ऐसी अराजक स्थिति पहले कभी देखने को नहीं मिली, जहां मंत्री और कांग्रेस नेता पूरी तरह स्वच्छंद होकर केवल अपने-अपने हित साधने में लगे हों।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जब सरकार अपनी नाकामियों पर घिरती है तो कभी एक मंत्री दूसरे मंत्री पर ठीकरा फोड़ता है और जब बात नहीं बनती तो भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार पर आरोप मढ़ दिए जाते हैं। उन्होंने इसे कांग्रेस की पुरानी और विफल राजनीति करार दिया।
डॉ. राजीव बिंदल ने दावा किया कि अव्यवस्था अब चरम सीमा पर पहुंच चुकी है। प्रदेश की कानून-व्यवस्था चरमरा गई है, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी डिमोरलाइज हैं तथा जनता का जीवन असुरक्षित होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि नशे और चिट्टे का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है, विकास कार्य ठप हो चुके हैं और संस्थान बेलगाम हो गए हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जब भी कोई नागरिक सरकार से सवाल करता है, तो कांग्रेस के नेता समाधान देने के बजाय आपस में उलझ जाते हैं। डॉ. बिंदल ने कहा कि यह सरकार अब नैतिक और प्रशासनिक दोनों रूप से शासन करने का अधिकार खो चुकी है और भाजपा प्रदेश की जनता की आवाज बनकर इस अव्यवस्था, अराजकता और विफलता के खिलाफ सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।