हिमाचल प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने का प्रयास कर रही है।
डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार पंचायती राज और नगर निकाय चुनावों को “हाइजैक” करने की साजिश रच रही है। उन्होंने कहा कि सरकार पहले दो वर्षों तक चुनाव टालने का प्रयास करती रही और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया।
🔹 सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बदले हालात
उन्होंने कहा कि जब Supreme Court of India ने स्पष्ट निर्देश दिए कि 31 मई से पहले चुनाव कराए जाएं, तो सरकार ने अब नई रणनीति अपनाते हुए चुनाव प्रक्रिया में कथित धांधली शुरू कर दी है।
बिंदल के अनुसार, यह स्थिति लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है और इससे जनता का विश्वास प्रभावित हो रहा है।
🔹 आरक्षण रोस्टर पर सवाल
डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि हिमाचल के इतिहास में पहली बार आरक्षण रोस्टर को बार-बार बदला जा रहा है। उन्होंने इसे “मदारी के खेल” की संज्ञा देते हुए कहा:
- एक दिन पंचायत अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित
- दूसरे दिन वही पंचायत अनारक्षित
- तीसरे दिन महिला के लिए आरक्षित
उन्होंने इसे “सूटेबिलिटी मॉडल” बताते हुए कहा कि सरकार नियमों के बजाय अपनी सुविधा के अनुसार रोस्टर तय कर रही है।
🔹 संवैधानिक प्रावधानों का हवाला
बिंदल ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 243D और पंचायती राज अधिनियम की भावना के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि आरक्षण और रोस्टर तय करने की एक निर्धारित और पारदर्शी प्रक्रिया होती है, जिसे इस तरह बार-बार बदलना गलत है।
🔹 प्रशासन पर दबाव के आरोप
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के दबाव में अधिकारी काम कर रहे हैं, जिसके कारण गांव-गांव और शहरी क्षेत्रों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
उनके अनुसार, इससे न केवल चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हो रही है, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों में असंतोष भी बढ़ रहा है।
🔹 युवाओं और महिलाओं पर असर
डॉ. बिंदल ने कहा कि लाखों युवा, महिलाएं और अन्य वर्ग जो पंचायत चुनावों में भाग लेना चाहते हैं, वे लगातार बदलते रोस्टर के कारण निराश हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इससे लोकतांत्रिक भागीदारी प्रभावित होती है और लोगों का विश्वास चुनाव प्रक्रिया से उठ सकता है।
🔹 भाजपा की चेतावनी
अंत में बिंदल ने स्पष्ट चेतावनी दी कि भाजपा इस मुद्दे को लेकर चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी सड़क से लेकर न्यायालय तक इस मुद्दे को उठाएगी और कांग्रेस सरकार की नीतियों का विरोध जारी रखेगी।