भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने देश और प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बाबा साहब के योगदान को भारतीय समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए अतुलनीय बताया और कहा कि उनका जीवन आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने सामाजिक कुरीतियों और भेदभाव के खिलाफ संघर्ष करते हुए एक ऐसे संविधान का निर्माण किया, जिसने आधुनिक भारत की मजबूत नींव रखी। उन्होंने कहा कि बाबा साहब का दिया गया संदेश—“शिक्षित बनो, संगठित हो और राष्ट्रहित में कार्य करो”—आज भी उतना ही प्रासंगिक है और समाज को आगे बढ़ने की दिशा दिखाता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिया गया “राष्ट्र प्रथम” का संदेश भी बाबा साहब के विचारों से प्रेरित है। उनके अनुसार, वर्तमान सरकार बाबा साहब के आदर्शों को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है और समाज में समानता तथा न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है।
डॉ. बिंदल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि स्वतंत्रता के बाद बाबा साहब को वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे वास्तविक हकदार थे। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन नेतृत्व, जिसमें जवाहरलाल नेहरू शामिल थे, ने उनके राजनीतिक जीवन में बाधाएं उत्पन्न कीं और उन्हें संसद से दूर रखने का प्रयास किया। उन्होंने यह भी कहा कि बाबा साहब को नेहरू मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना पड़ा, जो उस समय की राजनीतिक परिस्थितियों को दर्शाता है।
इसके अलावा, उन्होंने कहा कि बाबा साहब को भारत रत्न सम्मान भी काफी देर से मिला, जिसे बाद में अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी के प्रयासों से सुनिश्चित किया गया।
डॉ. बिंदल ने वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय इंदिरा गांधी की सरकार ने संविधान की मूल भावना को आघात पहुंचाया था। उन्होंने कहा कि बाबा साहब समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) के समर्थक थे, लेकिन कांग्रेस की नीतियों के कारण इसे लागू नहीं किया जा सका।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्थापित ‘पंचतीर्थ’ का जिक्र करते हुए कहा कि इससे बाबा साहब को वास्तविक सम्मान मिला है और उनकी स्मृतियों को संरक्षित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह पहल देश के युवाओं को बाबा साहब के विचारों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
डॉ. बिंदल ने समाज से आह्वान किया कि वह बाबा साहब के आदर्शों को अपनाए और समानता, एकता तथा राष्ट्रहित के मार्ग पर आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि आज के दिन हमें संकल्प लेना चाहिए कि हम उनके दिखाए मार्ग पर चलकर एक मजबूत और समावेशी समाज का निर्माण करेंगे।
अंत में उन्होंने बाबा साहब को कोटि-कोटि नमन करते हुए कहा कि उनका जीवन और विचार हमेशा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।
कुल मिलाकर, अंबेडकर जयंती के अवसर पर दिया गया यह संदेश न केवल बाबा साहब के योगदान को याद करता है, बल्कि वर्तमान राजनीतिक और सामाजिक संदर्भ में उनके विचारों की प्रासंगिकता को भी रेखांकित करता है।