भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल का बयान: “कांग्रेस सरकार के 3 साल जश्न नहीं, बर्बादी के 3 साल”

rakesh nandan

20/11/2025

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि बिहार चुनाव परिणामों ने पूरे देश में ऐसा माहौल बनाया, जो “ना भूतो, ना भविष्यति” जैसा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की स्थिति पूरे देश में दयनीय हो चुकी है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा एक महीने की यात्रा के बावजूद पार्टी मात्र छह सीटों पर सिमट गई। उन्होंने दावा किया कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार भी “मूर्छित अवस्था” में पहुँच चुकी है, जबकि देश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री अमित शाह तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के नेतृत्व पर भरोसा करती है।

“इतिहास की सबसे निकम्मी सरकार” — बिंदल

डॉ. बिंदल ने कहा कि 11 दिसंबर को कांग्रेस सरकार के 3 साल पूरे होने जा रहे हैं, लेकिन यह सरकार हिमाचल के इतिहास की सबसे निकम्मी सरकार साबित हुई है।
उनके अनुसार—

  • भाजपा लगातार तीन साल से जनता के मुद्दे उठा रही है।

  • यह सरकार जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने में विफल रही है।


4 दिसंबर को धर्मशाला में होगा विशाल प्रदर्शन

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि कांग्रेस सरकार के खिलाफ 4 दिसंबर को धर्मशाला के जोरहवार स्टेडियम में विशाल और प्रचंड प्रदर्शन किया जाएगा।
इसके लिए एक प्रदेश स्तरीय समिति गठित की गई है—

  • प्रभारी: भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष विपिन परमार

  • सह प्रभारी: उपाध्यक्ष बिहारी लाल शर्मा, उपाध्यक्ष पवन काजल

  • समन्वयक: वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक कपूर, विधायक सुधीर शर्मा


बिंदल ने कांग्रेस सरकार के 3 साल को बताया बर्बादी के 3 साल

डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के तीन साल—

  • युवाओं और बेरोजगारों की बर्बादी के 3 साल

  • आर्थिक बदहाली और बढ़ते कर्ज-मर्ज के 3 साल

  • बिगड़ती कानून व्यवस्था, हत्या, डकैती, फिरौती और माफियाराज के 3 साल

  • महिलाओं, युवाओं, किसानों, बागवानों और मजदूरों को झूठी गारंटियों के 3 साल

  • स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, तहसील, पटवार सर्कल और विभिन्न संस्थानों को बंद या कमजोर करने के 3 साल

  • भाई-भतीजावाद और पक्षपात की सरकार के 3 साल

  • वन मित्र, जल मित्र, रोगी मित्र और पक्की नौकरी जैसे वादों के गायब होने के 3 साल

उन्होंने कहा कि एक लाख नौकरियां, 5 लाख रोजगार, 28 लाख बहनों को 1500 रुपये महीना, 100 रुपये लीटर दूध, 2 रुपये किलो गोबर जैसे वादों में से कुछ भी पूरा नहीं हुआ।
उन्होंने इन तीन सालों को “जश्ने बर्बादी — प्रदेश की बर्बादी का जश्न” करार दिया।