हिमाचल सरकार में नगर नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि लोकतंत्र की जड़ों को सुरक्षित रखने के लिए निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव अनिवार्य हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि वोट चोरी जैसी घटनाएं लोकतांत्रिक ढांचे के लिए गंभीर खतरा हैं और इस पर किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।
चुनाव आयोग की जिम्मेदारी
धर्माणी ने कहा कि चुनाव आयोग को बिना किसी दबाव के अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियां निभानी चाहिए। मतदाता सूची से लेकर मतदान और मतगणना तक, हर चरण में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग की कार्यप्रणाली में मौजूद कमियों को छिपाना लोकतंत्र को कमजोर करता है और इस प्रवृत्ति को तुरंत बदलने की आवश्यकता है।
डिजिटल वोटर लिस्ट की मांग
मंत्री ने सुझाव दिया कि चुनाव आयोग डिजिटल वोटर लिस्ट तत्काल सार्वजनिक करे, ताकि जनता स्वयं उसका ऑडिट कर सके और किसी भी तरह की हेराफेरी का सच सामने आ सके। उनके अनुसार, यह कदम न केवल पारदर्शिता बढ़ाएगा, बल्कि जनता का भरोसा भी मजबूत करेगा।
राहुल गांधी के समर्थन में बयान
धर्माणी ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवाल किसी दल या नेता से जुड़े नहीं, बल्कि सीधे देश के लोकतांत्रिक स्वास्थ्य से संबंधित हैं। यह केवल राजनीतिक बहस नहीं, बल्कि हर नागरिक के अधिकार और भविष्य का मुद्दा है।
जनअभियान में शामिल होने की अपील
मंत्री ने प्रदेशवासियों से 9650003420 पर मिस कॉल देकर इस जनअभियान में शामिल होने और निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव की मांग को बुलंद करने की अपील की।