हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित चार दिवसीय राज्य स्तरीय युवा महोत्सव (ग्रुप-4—थिएटर) का आज बिलासपुर में विधिवत समापन हुआ। समापन समारोह में नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मंत्री ने विभिन्न नाट्य प्रस्तुतियों, अभिनय, निर्देशन और मंचीय प्रदर्शन में उत्कृष्ट प्रतिभा का परिचय देने वाले प्रतिभागियों एवं टीमों को सम्मानित किया। इस महोत्सव में प्रदेश के 25 कॉलेजों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
युवा—देश का वास्तविक निर्माता
समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि आज का युवा देश का वास्तविक निर्माता है, इसलिए आवश्यक है कि वह आत्मनिर्भर, जागरूक और संवेदनशील नागरिक बनने के लिए सतत प्रयास करे। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर हिमाचल और विकसित भारत के निर्माण में युवा शक्ति की भूमिका अत्यंत निर्णायक है।
मेहनत और निष्ठा ही सफलता की कुंजी
उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए शॉर्टकट का कोई स्थान नहीं होता।
उन्होंने कहा—
कठिन परिश्रम,
ईमानदारी,
और दृढ़ निश्चय
के साथ निरंतर आगे बढ़ने वाला व्यक्ति ही सफलता का वास्तविक पात्र बनता है।
युवा महोत्सव—प्रतिभाओं का सशक्त मंच
मंत्री धर्माणी ने कहा कि ऐसे युवा उत्सव न केवल प्रतियोगियों को मंच उपलब्ध करवाते हैं, बल्कि उनमें—
अनुशासन,
नेतृत्व क्षमता,
आत्मविश्वास,
सृजनात्मकता
का विकास भी करते हैं।
उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों और प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर उनका उत्साह बढ़ाया।
थियेटर प्रस्तुतियाँ—सृजनात्मकता और समाजिक चेतना का संगम
समापन अवसर पर विद्यार्थियों ने सामाजिक मुद्दों, देशभक्ति, पर्यावरण संरक्षण, सामूहिक जिम्मेदारी, लोक संस्कृति और युवाओं की चुनौतियों पर आधारित प्रभावी प्रस्तुतियाँ दीं। थियेटर के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिमाचल की लोक धरोहर, पारंपरिक वेशभूषा और कला का भी आकर्षक प्रदर्शन देखने को मिला। कार्यक्रम में बिलासपुर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. पी.एस. कटवाल ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और युवा महोत्सव के आयोजन संबंधी विस्तृत जानकारी साझा की। समारोह में विभिन्न विभागों के अधिकारी, शिक्षाविद, अभिभावक और कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।