नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इस दिशा में उठाए गए कदमों के अब सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। राजेश धर्माणी आज घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत कोट में आयोजित सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने लगभग 50 विभिन्न शिकायतें एवं मांगें सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के समयबद्ध और उचित समाधान के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि आम जनमानस की समस्याओं का घर-द्वार पर त्वरित निपटारा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम शुरू किया गया है। इस कार्यक्रम के माध्यम से विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में न केवल समस्याएं सुनी जा रही हैं, बल्कि उनका समयबद्ध समाधान भी सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह जिला बिलासपुर में दूसरे चरण का पहला कार्यक्रम है, जिसे घुमारवीं क्षेत्र की अंतिम ग्राम पंचायत कोट में आयोजित किया गया।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने समाज के असहाय वर्गों के लिए सुख आश्रय योजना शुरू की है। इसके तहत प्रदेश के लगभग 6 हजार अनाथ बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट का दर्जा दिया गया है। योजना के अंतर्गत बच्चों को 4 हजार रुपये मासिक जेब खर्च, आवास निर्माण, शिक्षा, विवाह एवं स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के माध्यम से विधवा महिलाओं के बच्चों की शिक्षा का खर्च भी सरकार वहन कर रही है। राजेश धर्माणी ने बताया कि प्रदेश में लंबित राजस्व मामलों के निपटारे के लिए प्रतिमाह राजस्व अदालतों का आयोजन किया जा रहा है। दिसंबर 2025 तक लगभग 5 लाख 20 हजार मामलों का निपटारा किया जा चुका है तथा शेष मामलों के लिए विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों में 250 विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की प्रक्रिया जारी है तथा नाबार्ड के माध्यम से 120 करोड़ रुपये की लागत से स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है। घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में सीएसआर फंड से लगभग 5 करोड़ रुपये स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यय किए गए हैं और शीघ्र ही एक एंबुलेंस भी उपलब्ध करवाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि शिक्षा क्षेत्र में सुधारों के परिणामस्वरूप हिमाचल प्रदेश शिक्षा गुणवत्ता में देश में 21वें स्थान से 5वें स्थान पर पहुंच गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर शिक्षा के लिए सीबीएसई स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें चार स्कूल अकेले घुमारवीं क्षेत्र में हैं। हटवाड़ स्कूल को राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसके लिए पहली किस्त के रूप में 5 करोड़ रुपये स्वीकृत हो चुके हैं। इस अवसर पर उपायुक्त राहुल कुमार, एसडीएम गौरव चौधरी, डीएसपी विशाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
