समय के साथ तकनीकी कौशल अपग्रेड जरूरी: राजेश धर्माणी

rakesh nandan

03/01/2026

राजेश धर्माणी, नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री ने कहा कि प्रशिक्षणार्थियों को अर्जित ज्ञान और कौशल में व्यावहारिकता लाते हुए समय के साथ हो रहे तकनीकी बदलावों के अनुरूप स्वयं को निरंतर अपग्रेड करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यक्ति की तरक्की से ही प्रदेश और देश आगे बढ़ता है।

आईटीआई बिलासपुर में जल रक्षकों को प्रमाणपत्र वितरण

तकनीकी शिक्षा मंत्री आज राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान बिलासपुर में नल-जल योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त जल रक्षकों को प्रमाणपत्र वितरित करने के अवसर पर बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले जल रक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने 12 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण करने वाले जल रक्षकों को अनुबंध के आधार पर तैनाती देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित होगा।

ग्रामीण स्तर पर बेहतर सेवाएं देने का आह्वान

राजेश धर्माणी ने जल रक्षकों से संपूर्ण निष्ठा और समर्पण भाव के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार के इस निर्णय से जल रक्षकों को न केवल रोजगार की स्थिरता मिलेगी, बल्कि ग्रामीण जल आपूर्ति व्यवस्था भी सुदृढ़ होगी।

तकनीकी शिक्षा में एआई आधारित बदलाव जरूरी

मंत्री ने कहा कि वर्तमान दौर में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते प्रभाव के चलते तकनीकी पाठ्यक्रमों में बड़े बदलाव हो रहे हैं। ऐसे में आईटीआई एवं अन्य तकनीकी संस्थानों में संचालित पाठ्यक्रमों में एआई को केंद्र में रखते हुए सुधार किए जाने चाहिए, ताकि संस्थानों से कुशल मानव संसाधन तैयार हो सके।

युवाओं को लक्ष्य निर्धारण और आत्मविकास की सीख

उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को जीवन के इस महत्वपूर्ण दौर में व्यावसायिक, व्यक्तिगत और सामाजिक रूप से स्वयं को स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। मंत्री ने कहा कि तकनीकी श्रम शक्ति समाज की समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करती है, इसलिए सीखने की जिज्ञासा बनाए रखना और व्यावसायिक दृष्टिकोण अपनाना जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने शारीरिक व मानसिक सशक्तता के लिए योग और ध्यान अपनाने पर भी बल दिया।

निजी उद्यमों के सहयोग से प्रशिक्षण मजबूत होगा

तकनीकी शिक्षा मंत्री ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में निजी उद्यमों के साथ सहयोग बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि इससे प्रशिक्षणार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान, कौशल और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी तथा वे वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार हो सकेंगे।

25 जल रक्षक प्रशिक्षित, 380 विद्यार्थी ले रहे प्रशिक्षण

इससे पूर्व संस्थान के प्रधानाचार्य ओंकार सिंह ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए बताया कि नल-जल योजना के तहत संस्थान में 25 जल रक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। वर्तमान में आईटीआई बिलासपुर में विभिन्न ट्रेडों में कुल 380 विद्यार्थी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान संस्थान के विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। इस अवसर पर विवेक कुमार, जितेंद्र चंदेल, जिला परिषद सदस्य गौरव शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति, अनुदेशक एवं प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।