बल्ली गांव में पारंपरिक उत्साह के साथ मनाई होली
राजेश धर्माणी ने घुमारवीं स्थित अपने पैतृक गांव बल्ली में मां संतोषी माता और भगवान शिव के मंदिर परिसर में ग्रामीणों के साथ होली का पर्व हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया। इस अवसर पर मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और ग्रामीण एकत्रित हुए और सामूहिक रूप से इस पावन पर्व को मनाया।
आसपास के गांवों से भी पहुंचे लोग
होली उत्सव में बल्ली के साथ-साथ आसपास के कई गांवों के लोग भी शामिल हुए।
इनमें प्रमुख रूप से:
डाहड
जमन
दबयाणी
टिक्कर
दाडा
चुवाड़ीं
दकड़ीं
गलयाणा
विडंग
सहित अन्य गांवों से आए ग्रामीणों ने उत्सव में भाग लेकर माहौल को और अधिक उत्साहपूर्ण बना दिया।
पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का आयोजन
मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा। इस दौरान मां संतोषी माता और भगवान शिव की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय महिलाओं और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भजन-कीर्तन के माध्यम से भक्तों ने भगवान की स्तुति की और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
होली प्रेम और भाईचारे का संदेश देती है
इस अवसर पर मंत्री राजेश धर्माणी ने उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि होली देश का एक पावन पर्व है, जो आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि भारत के विभिन्न राज्यों में होली अलग-अलग परंपराओं और रीति-रिवाजों के साथ मनाई जाती है, लेकिन इस पर्व का मूल उद्देश्य एक ही है—समाज में प्रेम, सद्भाव और एकता को बढ़ावा देना।
समाज को जोड़ने वाला पर्व
मंत्री ने कहा कि होली का त्योहार हमें आपसी भेदभाव मिटाकर एक-दूसरे के साथ खुशियां साझा करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सामाजिक और धार्मिक आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं और लोगों को सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि त्योहारों के माध्यम से समाज में आपसी सहयोग, सौहार्द और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत किया जा सकता है।
प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं
राजेश धर्माणी ने इस अवसर पर जिले और प्रदेश के सभी लोगों को होली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए कहा कि यह पर्व सभी के जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता लेकर आए।