राजेश धर्माणी ने घुमारवीं में वास्तविक समय पेयजल गुणवत्ता निगरानी प्रणाली का लोकार्पण किया

rakesh nandan

06/10/2025

नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के औहर में 10.25 लाख रुपये की लागत से जल शक्ति विभाग द्वारा निर्मित ‘वास्तविक समय पेयजल गुणवत्ता निगरानी प्रणाली’ का लोकार्पण किया। इसका जल स्रोत पवित्र रूकमणी कुंड की जलधारा से लाया गया है।

इस आधुनिक प्याऊ के माध्यम से स्थानीय लोग और पर्यटक शुद्ध और स्वास्थ्यवर्धक पानी पी सकेंगे। मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि यह पहल जल संरक्षण और सुरक्षित पेयजल आपूर्ति की दिशा में प्रदेश सरकार का महत्वपूर्ण कदम है।


प्रणाली की विशेषताएँ

  • प्याऊ में यूवी सिस्टम लगाया गया है जो पानी को वैज्ञानिक तरीके से शुद्ध करता है।

  • पानी का पीएच 7.28, टीडीएस 210 पीपीएम, टर्बिडिटी 0.00 एनटीयू, टीएसएस 0.00 पीपीएम, क्लोरीन 0.00 पीपीएम दर्ज किया गया है।

  • यह प्रणाली पानी की गुणवत्ता की रीयल टाइम निगरानी प्रदान करती है।

  • कोई भी व्यक्ति स्क्रीन देखकर पानी की गुणवत्ता की स्वयं जांच कर सकता है।


सांस्कृतिक और पर्यटन महत्व

राजेश धर्माणी ने कहा कि रूकमणी कुंड केवल जलस्रोत नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और धार्मिक विश्वास का प्रतीक है। यह स्थल बिलासपुर की सांस्कृतिक धरोहर और प्राकृतिक सुंदरता का जीवंत उदाहरण है।

प्रदेश सरकार इस क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से विशाल पर्यटन परिसर, पुलिस थाना, माउंटेनरी बाइकर्स के लिए विशेष सुविधाएं और हिमुडा का विश्राम गृह स्थापित कर रही है। भविष्य में यहाँ हेलीपोर्ट सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।


नागरिकों से अपील

मंत्री ने कहा कि जल ही जीवन है और इसे बचाना हमारी जिम्मेदारी है। इस प्याऊ का उद्देश्य केवल प्यास बुझाना नहीं, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर और सामाजिक चेतना को बनाए रखना है। सभी नागरिकों को जल संरक्षण में योगदान देने का आह्वान किया।


कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य लोग

जल शक्ति विभाग के अधीक्षण अभियंता राहुल दुबे, अधिशासी अभियंता यशपाल शर्मा, राकेश वैद्य, सतीश शर्मा, श्याम सिंह पुंडीर, एपीएमसी अध्यक्ष सतपाल, कैप्टन विजय कुमार चंदेल, प्यारेलाल, जोगिंदर धीमान, नंदलाल, कृति, रूपलाल, बबली, राजेश, बृजलाल सहित अन्य विभागीय अधिकारी और पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।