Rajesh Dharmani ने घुमारवीं स्थित लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह में जन समस्याएं सुनते हुए अधिकांश मामलों का मौके पर ही समाधान किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को लंबित मामलों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि इस बजट में किसानों, बागवानों, पशुपालकों और मछुआरों के हित में कई अहम निर्णय लिए गए हैं।
📊 दूध के दामों में बढ़ोतरी
मंत्री ने बताया कि बजट में गाय के दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य 51 रुपये से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर तथा भैंस के दूध का मूल्य 61 रुपये से बढ़ाकर 71 रुपये प्रति लीटर किया गया है।
उन्होंने कहा कि इस निर्णय से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और किसानों की आय में सीधा इजाफा होगा।
🌾 प्राकृतिक खेती को बढ़ावा
प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में भी वृद्धि की है:
- गेहूं: 60 से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलोग्राम
- मक्का: 40 से बढ़ाकर 50 रुपये प्रति किलोग्राम
- जौ (पांगी घाटी): 60 से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलोग्राम
- हल्दी: 90 से बढ़ाकर 150 रुपये प्रति किलोग्राम
- अदरक: पहली बार 30 रुपये प्रति किलोग्राम MSP तय
इन फैसलों से प्रदेश के लगभग 2 लाख 23 हजार किसानों को लाभ मिलेगा, जो करीब 38,455 हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती कर रहे हैं।

🐟 मछुआरों को राहत
मंत्री ने बताया कि जलाशयों से पकड़ी गई मछलियों पर रॉयल्टी दर को पहले 15 प्रतिशत से घटाकर 7.5 प्रतिशत किया गया था, जिसे अब घटाकर केवल 1 प्रतिशत कर दिया गया है।
इससे प्रदेश के लगभग 6 हजार मछुआरों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके साथ ही पहली बार जलाशयों की मछली के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य भी घोषित किया गया है।
🏛️ किसान आयोग का गठन
उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान और उनके हितों की रक्षा के लिए राज्य किसान आयोग के गठन की भी घोषणा की गई है। यह आयोग भविष्य में कृषि क्षेत्र से जुड़े मुद्दों के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
📢 जनता के बीच संवाद
जन समस्याएं सुनते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे लोगों की समस्याओं को गंभीरता से लें और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें।

🎯 निष्कर्ष
कुल मिलाकर, मंत्री राजेश धर्माणी द्वारा जन समस्याओं का समाधान और बजट की विशेषताओं को उजागर करना यह दर्शाता है कि सरकार ग्रामीण और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
यह बजट किसानों, पशुपालकों और मछुआरों के लिए राहत और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।