महंगाई पर सहजल का हमला, घर बनाना हुआ मुश्किल

rakesh nandan

08/04/2026

हिमाचल प्रदेश में बढ़ती महंगाई, विशेष रूप से निर्माण सामग्री की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री डॉ. राजीव सहजल ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में आज महंगाई ही सरकार की सबसे बड़ी पहचान बन चुकी है।

डॉ. सहजल ने कहा कि निर्माण सामग्री के दामों में हो रही लगातार बढ़ोतरी ने आम आदमी के लिए घर बनाना बेहद कठिन बना दिया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि हाल ही में सीमेंट के दामों में प्रति बैग लगभग ₹15 तक की वृद्धि हुई है, जबकि सरिए के दामों में मात्र 20 दिनों के भीतर ₹1000 प्रति क्विंटल तक का उछाल दर्ज किया गया है। उनके अनुसार, यह बढ़ोतरी आम जनता की कमर तोड़ने वाली है।

उन्होंने कहा कि एक सामान्य व्यक्ति अपने जीवनभर की बचत से घर बनाने का सपना देखता है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में यह सपना अधूरा रह सकता है। बढ़ती कीमतों के कारण निर्माण लागत में भारी इजाफा हो रहा है, जिससे मध्यम वर्ग और गरीब वर्ग पर सीधा असर पड़ रहा है।

कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने तंज कसा कि सरकार का मॉडल अब “टैक्स बढ़ाओ, कीमतें बढ़ाओ और जनता को तड़पाओ” बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा लगातार विभिन्न सेवाओं और सुविधाओं पर खर्च बढ़ाया जा रहा है, जिससे आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।

डॉ. सहजल ने यह भी कहा कि प्रदेश में पहले ही स्टांप ड्यूटी, बिजली, पानी और परिवहन से जुड़े खर्चों में वृद्धि हो चुकी है। ऐसे में निर्माण सामग्री की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम आदमी के लिए जीवन और भी कठिन बना दिया है। उन्होंने इसे सरकार की नीतिगत विफलता बताया।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महंगाई को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। उनके अनुसार, बाजार में माफिया और बिचौलियों को खुली छूट दी जा रही है, जिसके चलते कीमतों में अनियंत्रित वृद्धि हो रही है। यदि सरकार समय रहते उचित कार्रवाई नहीं करती, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।

उन्होंने अपने बयान में यह भी कहा कि एक तरफ सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, जबकि दूसरी तरफ महंगाई लगातार बढ़ रही है। यह विरोधाभास सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।

भाजपा नेता ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी इस मुद्दे को जनता के बीच मजबूती से उठाएगी और सरकार की जनविरोधी नीतियों का हर स्तर पर विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में महंगाई को लेकर व्यापक स्तर पर आंदोलन भी किया जा सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि निर्माण सामग्री की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर रियल एस्टेट और निर्माण क्षेत्र पर पड़ता है। इससे न केवल व्यक्तिगत घर निर्माण प्रभावित होता है, बल्कि बड़े प्रोजेक्ट्स की लागत भी बढ़ जाती है। ऐसे में सरकार और संबंधित विभागों के लिए यह आवश्यक हो जाता है कि वे कीमतों को नियंत्रित करने के उपाय करें।

कुल मिलाकर, हिमाचल प्रदेश में बढ़ती महंगाई एक गंभीर मुद्दा बनती जा रही है, जिस पर सियासत भी तेज हो गई है। अब यह देखना होगा कि सरकार इस पर क्या कदम उठाती है और आम जनता को राहत देने के लिए कौन-से उपाय किए जाते हैं।