भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के राजनीतिक इतिहास में यह पहला अवसर है जब मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, मंत्रीगण और सत्ता पक्ष के विधायक अपनी ही सरकार के दौरान आयोजित विधानसभा सत्र को छोड़कर धरने पर बैठ गए। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और संवैधानिक व्यवस्था पर गंभीर संकट बताया।
डॉ. बिंदल ने कहा कि विधानसभा परिसर में कांग्रेस सरकार का तख्तियां उठाकर धरने पर बैठना और मंत्रियों का सड़क पर उतरकर नारेबाज़ी करना प्रदेश की बदहाल स्थिति का स्पष्ट प्रमाण है। जो लोग सरकार चलाने के जिम्मेदार हैं, वे स्वयं सड़क पर आ गए—यह बताता है कि वर्तमान कांग्रेस सरकार यह स्वीकार कर चुकी है कि वह प्रदेश का शासन चलाने में पूरी तरह विफल हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में जनता ने कांग्रेस को जो विश्वास देकर सत्ता सौंपी थी, उस जनमत के साथ कांग्रेस ने छल किया। उन्होंने कहा कि झूठे वादों और भ्रम फैलाकर सत्ता में आई इस सरकार ने तीन वर्षों में हिमाचल प्रदेश को आर्थिक और प्रशासनिक रूप से लगभग दिवालिया कर दिया है। हजारों वरिष्ठ नागरिक अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर हैं, और विडंबना यह है कि उसी समय सरकार भी सड़कों पर नारे लगा रही है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि जनता पूछ रही है—”फरियादी तो इसलिए सड़क पर हैं क्योंकि सरकार उनका हक मार रही है, लेकिन जो सत्ता का लाभ उठा रहे हैं, वे भी सड़क पर उतर आए—तो ऐसी सरकार के सत्ता में रहने का नैतिक अधिकार क्या बचा है?” उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अपना अस्तित्व खो दिया है और सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक आधार नहीं बचा।
उन्होंने कहा कि तीन वर्षों में सरकार ने 45 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया, 50 से अधिक चेयरमैन और वाइस चेयरमैन नियुक्त किए, और माफिया तंत्र को संरक्षण दिया—इन्हीं पर यह सरकार टिके रहने का प्रयास कर रही है। जब जनता सवाल पूछती है तो सरकार सड़क पर उतरकर केवल प्रधानमंत्री मोदी को कोसने और भाजपा पर आरोप लगाने में व्यस्त दिखाई देती है। यदि नारे लगाने का इतना ही शौक है, तो सत्ता छोड़ दें—जनता स्वयं सरकार चला लेगी।
डॉ. बिंदल ने कहा कि तीन वर्षों तक भाजपा को कोसने के बाद अब कांग्रेस ने संघ को कोसने का ठेका भी ले लिया है। उन्होंने कहा कि देश के विभाजन और लाखों भारतीयों के नरसंहार के लिए जिम्मेदार कांग्रेस आज उन स्वयंसेवकों को अपमानित कर रही है जिन्होंने संकट के हर समय में जनता की सेवा की।
उन्होंने कहा कि भारत माता के टुकड़े-टुकड़े करने वाले तत्वों को संरक्षण देने वाली, चीन को 40 हजार वर्ग मील भूमि सौंपने वाली, कश्मीर में वर्षों तक नरसंहार सहने देने वाली, और 10 करोड़ घुसपैठियों को भारत में बसाकर वोट बैंक बनाने वाली कांग्रेस आज संघ को राष्ट्रविरोधी बताने का दुस्साहस कर रही है। राम मंदिर, कृष्ण जन्मस्थान और देशभक्त क्रांतिकारियों के अपमान से कांग्रेस का चरित्र देश जान चुका है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस के पाप का घड़ा भर चुका है। इसलिए देशभर से कांग्रेस के राजनीतिक भविष्य का समाप्त होना तय है। उन्होंने कहा कि बिहार में करारी हार के बाद हिमाचल की कांग्रेस सरकार अपनी नाराज़गी उतारने के लिए अब स्वयं सड़कों पर उतर आई है।