हिमाचल प्रदेश के बजट 2026 को लेकर सियासत तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा प्रस्तुत बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे “बैक गियर बजट” करार दिया है।
“विकास को पीछे ले जाने वाला बजट”
डॉ. बिंदल ने कहा कि यह बजट प्रदेश को आगे बढ़ाने के बजाय पीछे ले जाने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि:
- पिछले वर्ष की तुलना में हजारों करोड़ रुपये की कटौती की गई
- लगभग ₹4000 करोड़ की कमी से विकास कार्य प्रभावित होंगे
केंद्र योजनाओं पर निर्भरता का आरोप
उन्होंने कहा कि:
- कृषि, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों में
- राज्य सरकार ने अपने स्तर पर ठोस पहल नहीं की
उनका आरोप है कि बजट को केवल केंद्र सरकार की योजनाओं से जोड़कर प्रस्तुत किया गया, जिससे वास्तविक राज्य स्तरीय प्रयास कम दिखाई देते हैं।
कांग्रेस की गारंटियों पर सवाल
भाजपा अध्यक्ष ने कांग्रेस के 2022 के चुनावी वादों को निशाने पर लेते हुए कहा:
- 1 लाख सरकारी नौकरियों का वादा पूरा नहीं हुआ
- 28 लाख महिलाओं को ₹1500 प्रतिमाह नहीं मिले
- दूध खरीद योजना में भी बदलाव कर जनता को भ्रमित किया गया
- 5 लाख रोजगार का दावा केवल कागजों तक सीमित रहा
कानून व्यवस्था और स्वास्थ्य पर सवाल
डॉ. बिंदल ने कहा कि बजट में:
- कानून व्यवस्था सुधारने का कोई ठोस प्रावधान नहीं
- माफिया नियंत्रण पर कोई स्पष्ट रणनीति नहीं
- अस्पतालों में दवाइयों की उपलब्धता पर ध्यान नहीं
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि:
- पहले से बंद संस्थानों को खोलने के बजाय
- और संस्थान बंद करने के संकेत दिए जा रहे हैं
“खोखले आंकड़ों का पुलिंदा”
उन्होंने बजट को “खोखले आंकड़ों का पुलिंदा” बताते हुए कहा कि इसमें:
- विकास की स्पष्ट दिशा नहीं है
- आम जनता को राहत देने की ठोस योजना नहीं है
भाजपा का विरोध जारी रहेगा
भाजपा ने इस बजट को जनविरोधी बताते हुए कहा कि:
- पार्टी इस मुद्दे को लगातार उठाएगी
- जनता की आवाज को सशक्त तरीके से सामने लाएगी
निष्कर्ष
हिमाचल प्रदेश के बजट 2026 को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जहां सरकार इसे विकास का रोडमैप बता रही है, वहीं विपक्ष इसे वादाखिलाफी और कमजोर वित्तीय प्रबंधन का उदाहरण बता रहा है।