टैक्स बढ़ाकर जनता पर बोझ डाल रही सरकार: बिंदल

rakesh nandan

24/03/2026

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने जनता को राहत देने के बजाय महंगाई की चक्की में पीसने का काम किया है। उनके अनुसार, वर्ष 2022 में कांग्रेस पार्टी बड़े-बड़े वादों और गारंटियों के साथ सत्ता में आई थी, लेकिन सत्ता संभालते ही उसने जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ाना शुरू कर दिया।

डॉ. बिंदल ने विशेष रूप से डीजल पर लगाए गए टैक्स में बढ़ोतरी को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि पहले डीजल पर ₹10.40 प्रति लीटर टैक्स लगाया गया था, जिसे अब बढ़ाकर ₹15.40 प्रति लीटर कर दिया गया है। यह वृद्धि सीधे तौर पर आम जनता की जेब पर असर डाल रही है। उन्होंने कहा कि इस फैसले का प्रभाव केवल एक वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि किसान, बागवान, मजदूर, व्यापारी और आम उपभोक्ता—सभी इससे प्रभावित हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ईंधन की कीमतों में वृद्धि का व्यापक असर पड़ता है। डीजल और पेट्रोल महंगे होने से परिवहन लागत बढ़ जाती है, जिससे बस, टैक्सी और ट्रक किराए बढ़ते हैं। इसके साथ ही कृषि कार्यों और सिंचाई पर खर्च बढ़ जाता है, जबकि बागवानी उत्पादों की ढुलाई भी महंगी हो जाती है। उन्होंने चेतावनी दी कि इसका नकारात्मक प्रभाव पर्यटन उद्योग पर भी पड़ेगा, जो हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि पिछले लगभग 40 महीनों में कांग्रेस सरकार ने करीब ₹4,000 करोड़ टैक्स के रूप में जनता से वसूले हैं और अब नए टैक्स बढ़ाकर लगभग ₹2,000 करोड़ और वसूलने की तैयारी है। उन्होंने कहा कि यह सरकार जनता को राहत देने के बजाय लगातार आर्थिक दबाव बढ़ा रही है।

उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने केवल ईंधन ही नहीं, बल्कि बिजली, पानी, राशन, स्टांप ड्यूटी और सीमेंट के दाम भी बढ़ा दिए हैं। उनके अनुसार, स्टांप ड्यूटी में 500 प्रतिशत तक वृद्धि, सीमेंट के दामों में ₹100 प्रति बोरी तक बढ़ोतरी और राशन की कीमतों में वृद्धि ने आम लोगों का जीवन कठिन बना दिया है।

राज्य के बजट को लेकर भी उन्होंने सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि जहां पहले हर साल बजट का आकार बढ़ता था, वहीं इस बार इसे घटाकर ₹54,928 करोड़ कर दिया गया है। उन्होंने इसे प्रदेश के विकास के लिए नकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि इससे विकास कार्यों पर असर पड़ेगा।

डॉ. बिंदल ने यह भी आरोप लगाया कि बजट में राज्य सरकार की अपनी कोई स्पष्ट नीति या विजन नजर नहीं आता और इसमें केवल केंद्र सरकार की योजनाओं को कॉपी-पेस्ट किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि सरकार के पास प्रदेश के विकास के लिए कोई ठोस योजना नहीं है।

उन्होंने एंट्री टैक्स के मुद्दे को भी उठाया और कहा कि इससे प्रदेश के 28 बॉर्डर क्षेत्रों में रहने वाले लोगों, व्यापारियों और पर्यटकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि पड़ोसी राज्यों में पेट्रोल-डीजल सस्ता और हिमाचल में महंगा होने से तस्करी और माफिया गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है, जिससे कानून व्यवस्था की स्थिति भी प्रभावित हो सकती है।

अंत में डॉ. बिंदल ने कहा कि यह बजट गरीब, किसान, कर्मचारी, बेरोजगार और महिलाओं—सभी वर्गों के साथ अन्याय करता है। उन्होंने इसे केवल दिखावटी घोषणाओं से भरा हुआ दस्तावेज बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी इन जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाएगी और सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी।

उन्होंने कहा, “कांग्रेस सरकार ने राहत देने के बजाय जनता पर टैक्स का कहर बरपाया है। यह बजट हिमाचल की जनता के साथ सीधा अन्याय है।”