हमीरपुर में महिलाओं के लिए 20 दिवसीय स्वरोजगार प्रशिक्षण शिविर संपन्न
हमीरपुर जिले में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन हुआ। पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), मट्टनसिद्ध हमीरपुर द्वारा महिलाओं के लिए आयोजित 20 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर मंगलवार को संपन्न हो गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 28 महिलाओं ने भाग लिया, जिन्हें खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े विभिन्न उत्पादों के निर्माण का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
आचार, पापड़ और मसाला निर्माण का प्रशिक्षण
प्रशिक्षण शिविर के दौरान प्रतिभागी महिलाओं को विभिन्न प्रकार के खाद्य उत्पाद तैयार करने की तकनीक सिखाई गई।
प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को निम्न उत्पादों के निर्माण की जानकारी दी गई:
आचार बनाना
पापड़ तैयार करना
मसाला पाउडर बनाना
खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण के तरीके
पैकेजिंग और विपणन की जानकारी
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को छोटे स्तर पर घरेलू उद्योग स्थापित करने के लिए सक्षम बनाना है। विशेषज्ञों ने महिलाओं को बताया कि इन उत्पादों की बाजार में काफी मांग रहती है और सही तरीके से उत्पादन व पैकेजिंग करके महिलाएं इसे स्वरोजगार का अच्छा माध्यम बना सकती हैं।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल
ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें रोजगार के नए अवसर प्रदान करना है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को अपने घर से ही छोटे उद्योग शुरू करने की प्रेरणा मिलती है। विशेषज्ञों ने बताया कि यदि महिलाएं समूह बनाकर इन उत्पादों का उत्पादन करती हैं, तो वे स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से बेहतर आय अर्जित कर सकती हैं। इससे न केवल महिलाओं की आय में वृद्धि होगी बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
समापन कार्यक्रम में दिया गया मार्गदर्शन
प्रशिक्षण शिविर के समापन अवसर पर संस्थान के निदेशक अजय कतना ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए उन्हें भविष्य के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान का उद्देश्य युवाओं और महिलाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई तकनीकों का उपयोग करके वे अपने घर से ही छोटे व्यवसाय शुरू कर सकती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि संस्थान समय-समय पर विभिन्न प्रकार के कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता रहता है।
स्वरोजगार के लिए प्रेरित की गई महिलाएं
समापन कार्यक्रम में प्रतिभागियों को बताया गया कि प्रशिक्षण के बाद वे अपने उत्पादों की बिक्री स्थानीय बाजारों, मेलों और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से कर सकती हैं। इसके अलावा महिलाओं को वित्तीय साक्षरता और छोटे व्यवसाय के संचालन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी प्रदान की गईं। विशेषज्ञों ने बताया कि स्वरोजगार अपनाकर महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से सशक्त बन सकती हैं बल्कि अपने परिवार की आय बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।
कार्यक्रम में कई अधिकारी रहे उपस्थित
समापन कार्यक्रम के दौरान कई अधिकारी और विशेषज्ञ भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में शामिल प्रमुख अधिकारी:
शिविर मूल्यांकनकर्ता रणजीत कलोत्रा
गुरप्यारी
वित्तीय साक्षरता सलाहकार जीसी भट्टी
फैकल्टी सदस्य विनय चौहान
संस्थान के अन्य अधिकारी
इन सभी ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की और प्रतिभागी महिलाओं को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
ग्रामीण महिलाओं के लिए कौशल विकास का अवसर
ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान द्वारा आयोजित ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं के कौशल विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन कार्यक्रमों से महिलाएं नए कौशल सीखकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित किया जाए तो ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा और महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
इस प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से 28 महिलाओं ने खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े महत्वपूर्ण कौशल सीखे हैं, जिनका उपयोग करके वे अपने लिए रोजगार के अवसर तैयार कर सकती हैं। यह पहल ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।