प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSVY/PMGSY) के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर पीडब्ल्यूडी वृत्त कार्यालय, हमीरपुर में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभाग के मुख्य अभियंता e. विजय चौधरी ने योजना की उपलब्धियों, प्रगति और आगे की रणनीतियों का संक्षिप्त व्याख्यान प्रस्तुत किया। उपायोजनियों व अधिकारियों ने 2000–2025 की अवधि में हुए कार्यों का विस्तृत आकलन किया।
मुख्य बिंदु —
वर्ष 2000–2025 में हमीरपुर जिले में कुल 193 कार्य स्वीकृत हुए जिनकी अनुमानित लागत ₹491 करोड़ है; इनमें से 166 कार्य पूर्ण हो चुके हैं।
योजना के अंतर्गत 181 सड़कें और 12 पुल शामिल हैं; पुलों में से 6 पुलों का निर्माण कार्य वर्तमान में प्रगति पर है।
PMGSY का उद्देश्य ग्रामों को सभी मौसम वाली सड़कों से जोड़कर सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण, बाजार/स्वास्थ्य/शिक्षा तक पहुँच बढ़ाना और ग्रामीण रोजगार सृजन करना है।
पहले चरण (2000) में लोक निर्माण विभाग, हमीरपुर के अंतर्गत 151 सड़कों व 6 पुलों को मंजूरी मिली — कुल लंबाई 760 किमी, लागत लगभग ₹218 करोड़; इनसे सैकڑों गांवों को मुख्यधारा से जोड़ा गया।
द्वितीय चरण में 9 सड़कों (80 किमी) का उन्नयन हुआ (लागत ₹62 करोड़)।
तृतीय चरण में 21 सड़कों (178 किमी) व 6 पुलों के लिए ₹211 करोड़ स्वीकृत; इनमें से ~75% कार्य पूरा, ~₹95 करोड़ व्यय। पुलों का निर्माण प्रगति पर है।
चौथे चरण (मान्यता: 11 सितम्बर 2024) के अंतर्गत हमीरपुर में 2 सड़कों (7 किमी) के लिए ₹11 करोड़ स्वीकृति हेतु भेजी गई है।
नवीनीकरण (2016–17 से 2021–22) के दौरान प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन के तहत 182 किमी सड़कों का नवीनीकरण किया गया; पोस्ट DLP के अंतर्गत 2024–25 में 20 किमी, 2025–26 में 10 किमी नवीनीकरण निर्धारित है।
बैठक में ई. दिनकर शर्मा (अधीक्षण अभियंता), वृत्त कार्यालय के सहायक अभियंता e. गुरबीर सिंह तथा अन्य अधिकारी व कर्मचारी भी उपस्थित रहे। मुख्य अभियंता ने जनता से अपील की कि जिन गांवों में सड़क जुड़ाव शेष है वहां स्थानीय भूमि दान करकर PMGSY के माध्यम से लाभ उठाएँ ताकि हमीरपुर के सभी गांव शीघ्रतम सड़क संपर्क से लाभान्वित हों।