सिरमौर जिला में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2025-26 में सरकारी तथा शिक्षा अनुदान योजना प्राप्त 1450 स्कूलों की कक्षा पहली से आठवीं तक पढ़ने वाले 55,612 विद्यार्थियों को लगभग 9 करोड़ 76 लाख रुपये की लागत से पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवाया जा रहा है। यह जानकारी उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा ने आज उपायुक्त कार्यालय के सभागार में आयोजित पीएम पोषण शक्ति निर्माण योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए गठित संचालन एवं निगरानी समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी।
उपायुक्त ने बताया कि इस योजना को पहले मिड-डे-मील योजना के नाम से जाना जाता था, जिसका मुख्य उद्देश्य कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को विद्यालयों में पौष्टिक आहार उपलब्ध करवाना है, ताकि बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने, विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने तथा उपस्थिति सुनिश्चित करने में सहायता मिल सके। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत निर्धारित मेन्यू के अनुसार बच्चों को भोजन उपलब्ध करवाया जाता है, जिसमें चावल, दाल, पुलाव, मौसम आधारित हरी सब्जियां और न्यूट्री युक्त आहार शामिल हैं, जिससे बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति हो सके।
उपायुक्त ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी स्कूलों में बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित जांच की जाती है। इस दौरान बच्चों को आयरन-फोलिक एसिड तथा कृमिनाशक दवाइयां भी दी जाती हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि प्रत्येक स्कूल में स्वास्थ्य जांच शिविर लगाना सुनिश्चित किया जाए। इसके अतिरिक्त, शिक्षा विभाग तथा समिति के सदस्यों को स्कूलों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बच्चों को स्वच्छ, सुरक्षित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध हो। बैठक में नगर परिषद अध्यक्षा श्यामा पुंडीर, उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा राजीव ठाकुर सहित समिति के सरकारी एवं गैर-सरकारी सदस्य उपस्थित रहे।
