प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग माध्यम से एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय स्तर की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता भारत सरकार के संयुक्त सचिव मीरा मोहंती ने की, जबकि जिला बिलासपुर की ओर से बैठक का संचालन जिलाधीश राहुल कुमार द्वारा किया गया। इस अवसर पर योजना के क्रियान्वयन, प्रगति और आगामी रणनीति पर विस्तृत विमर्श किया गया। जिलाधीश राहुल कुमार ने बैठक में अवगत कराया कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना देश के 100 चयनित जिलों में लागू की जा रही है, जिनमें हिमाचल प्रदेश से मात्र बिलासपुर जिला शामिल है। उन्होंने कहा कि यह जिला के किसानों के लिए अत्यंत गौरव एवं लाभकारी अवसर है, क्योंकि यह योजना कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक, संसाधनों और वैज्ञानिक पद्धतियों से जोड़कर किसानों की आय बढ़ाने का लक्ष्य रखती है।
उन्होंने बताया कि बिलासपुर जिला योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है। फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने के लिए पोस्ट हार्वेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। इसमें वैज्ञानिक भंडारण, ग्रेडिंग, कोल्ड स्टोरेज, प्रोसेसिंग यूनिट तथा बाजार आधारित वैल्यू एडिशन सुविधाओं का विकास शामिल है। इससे किसानों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य प्राप्त होगा और कृषि आय में सीधा लाभ होगा। जिलाधीश ने बताया कि योजना में फसल विविधीकरण, विशेषकर दलहन फसलों को बढ़ावा, एक प्रमुख घटक है। इससे न केवल मिट्टी की उर्वरता में सुधार होगा, बल्कि किसानों को नई आर्थिक संभावनाएँ भी मिलेंगी। उन्होंने कहा कि आधुनिक सिंचाई तकनीकों, जल संरक्षण उपायों, ड्रिप–स्प्रिंकलर सिस्टम और माइक्रो-इरिगेशन पद्धतियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे पानी की बचत और उत्पादन में वृद्धि दोनों संभव होगी।
इसके साथ-साथ कृषि विपणन प्रणाली को सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने पर भी जोर दिया गया। जिलाधीश ने कहा कि किसानों को तकनीकी ज्ञान, ई-मार्केटिंग प्लेटफॉर्म, मंडी इंटीग्रेशन और मूल्य जानकारी समय पर उपलब्ध करवाई जाएगी, ताकि वे बेहतर और न्यायसंगत दाम पर अपनी उपज बेच सकें। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव स्तर पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए। किसान पंजीकरण, प्रशिक्षण कार्यक्रम, फील्ड डेमोन्स्ट्रेशन और तकनीकी सहायता के माध्यम से अधिक से अधिक किसानों को योजना से जोड़ा जाए। राहुल कुमार ने कहा कि बिलासपुर जिला कृषि नवाचार, फसल विविधीकरण और वैल्यू चेन विकास का प्रदेश में एक मॉडल बनेगा।
बैठक में कृषि विभाग के निदेशक डॉ. रविन्द्र कुमार जसरोटिया ने महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए कहा कि योजना के अंतर्गत तकनीकी सहयोग, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और फील्ड सर्वे को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। उन्होंने बताया कि इससे जिले में कृषि उत्पादन क्षमता में बड़ा परिवर्तन आएगा। कृषि उपनिदेशक डॉ. प्रेम ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी बैठक में उपस्थित रहे और उन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में प्रगति रिपोर्ट और भविष्य की रूपरेखा प्रस्तुत की। जिलाधीश ने कहा कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना बिलासपुर जिले के किसानों के लिए कृषि क्रांति का मार्ग प्रशस्त करेगी। आने वाले समय में बिलासपुर आधुनिक, उत्पादक और बाजारोन्मुख कृषि प्रणाली का अग्रणी जिला बनकर उभरेगा।