हिमाचल प्रदेश से भाजपा सांसद सुरेश कश्यप ने लोकसभा में पूछे गए अपने प्रश्न के उत्तर का हवाला देते हुए केंद्र सरकार की अनुसूचित जाति वर्ग के उत्थान के लिए चलाई जा रही योजनाओं की सराहना की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार समाज के कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है।
सांसद सुरेश कश्यप ने बताया कि प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (PM-AJAY) के तहत वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक कुल ₹10,080 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है। इसमें से अब तक ₹3,508.82 करोड़ की राशि जारी की जा चुकी है, जो विभिन्न राज्यों में विकास कार्यों के लिए उपयोग की जा रही है।
उन्होंने योजना के तहत विभिन्न वर्षों में निर्धारित बजट का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार वर्ष 2021-22 में ₹1800 करोड़, 2022-23 में ₹1950 करोड़, 2023-24 में ₹2050 करोड़, 2024-25 में ₹2140 करोड़ और 2025-26 में ₹2140 करोड़ का बजट तय किया गया है। यह लगातार बढ़ता हुआ बजट इस बात का संकेत है कि केंद्र सरकार इस योजना को गंभीरता से लागू कर रही है।
सुरेश कश्यप ने कहा कि इस योजना के अंतर्गत देशभर में कुल 13,955 गांवों को “आदर्श ग्राम” के रूप में विकसित किया गया है। इन गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विकास किया गया है और रोजगार के अवसर भी सृजित किए गए हैं, जिससे अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को सीधा लाभ मिला है।
उन्होंने विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश का उल्लेख करते हुए बताया कि राज्य को भी इस योजना के तहत वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। उनके अनुसार वर्ष 2021-22 में प्रदेश को ₹30.75 करोड़, 2024-25 में ₹2.02 करोड़ और 2025-26 में ₹1.84 करोड़ की राशि प्राप्त हुई है।
सांसद ने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना, उनकी आजीविका के अवसरों को बढ़ाना और उन्हें सामाजिक व आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार केवल योजनाएं घोषित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
सुरेश कश्यप ने इस दौरान प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा लगातार सहायता दिए जाने के बावजूद राज्य सरकार विकास कार्यों को गति देने में विफल रही है।
उन्होंने कहा कि कई योजनाओं का लाभ अभी तक अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुंच पा रहा है, जो कि राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने राज्य सरकार से अपेक्षा जताई कि वह केंद्र की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करे।
अंत में सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि केंद्र सरकार आने वाले समय में भी हिमाचल प्रदेश को हर संभव सहायता प्रदान करती रहेगी। उन्होंने “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के मंत्र को दोहराते हुए कहा कि सरकार समाज के हर वर्ग के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य सरकारों के बीच विकास कार्यों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो रही है। आने वाले समय में इस मुद्दे पर और अधिक सियासी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।