पिंजौर-बद्दी-नालागढ़ सड़क पर सांसद कश्यप का मुद्दा

rakesh nandan

30/03/2026

हिमाचल प्रदेश के महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र बद्दी–बरोटीवाला–नालागढ़ (BBN) को हरियाणा और चंडीगढ़ से जोड़ने वाले पिंजौर–बद्दी–नालागढ़ सड़क मार्ग की बदहाल स्थिति अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है। भारतीय जनता पार्टी के सांसद Suresh Kumar Kashyap ने लोकसभा में नियम 377 के तहत इस गंभीर मुद्दे को उठाते हुए सरकार का ध्यान आकर्षित किया।

सांसद कश्यप ने सदन में कहा कि यह सड़क मार्ग प्रदेश की औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों की रीढ़ के रूप में कार्य करता है। बद्दी–बरोटीवाला–नालागढ़ (BBN) क्षेत्र को एशिया के प्रमुख औद्योगिक हब में गिना जाता है, जहां 2000 से अधिक उद्योग संचालित हो रहे हैं। इस मार्ग से प्रतिदिन लगभग 30,000 से अधिक वाहनों की आवाजाही होती है, जो इसकी महत्ता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि इतनी महत्वपूर्ण सड़क की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे, अधूरी लेन, जलभराव और लगातार लगने वाले ट्रैफिक जाम आम समस्या बन चुके हैं। इससे न केवल आम नागरिकों को परेशानी हो रही है, बल्कि औद्योगिक गतिविधियों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

सांसद कश्यप ने जानकारी देते हुए बताया कि इस सड़क को चार-लेन बनाने की परियोजना अप्रैल 2022 में शुरू की गई थी और इसे सितंबर 2024 तक पूरा किया जाना था। इस परियोजना के लिए प्रारंभिक रूप से लगभग 556 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया था, जो अब बढ़कर 650 से 670 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। इसके बावजूद वर्ष 2026 तक भी यह परियोजना अधूरी पड़ी हुई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह देरी राज्य सरकार की लापरवाही और प्रशासनिक विफलता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि जानकारी के अनुसार करीब 40 से 45 प्रतिशत कार्य पूरा होने के बाद ठेकेदार द्वारा काम छोड़ दिया गया, जिसके बाद स्थिति और बिगड़ गई। इसके बाद अब तक 10 से अधिक बार टेंडर प्रक्रिया रद्द या स्थगित की जा चुकी है, जिससे निर्माण कार्य पूरी तरह ठप हो गया है।

सांसद ने यह भी कहा कि सड़क की खराब स्थिति के कारण उद्योगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। माल परिवहन में देरी, बढ़ती लागत और समय की बर्बादी से उद्योग प्रभावित हो रहे हैं। इसके साथ ही इस मार्ग से गुजरने वाले कर्मचारियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को भी रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने यह भी चिंता जताई कि इस सड़क की खराब स्थिति के कारण आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों को समय पर पहुंचने में दिक्कत हो रही है, जिससे कई बार स्थिति गंभीर हो सकती है।

सांसद कश्यप ने सरकार से मांग की कि इस महत्वपूर्ण परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के लिए ठोस और समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस दिशा में कदम नहीं उठाए गए, तो इसका प्रभाव प्रदेश की अर्थव्यवस्था और औद्योगिक विकास पर पड़ सकता है।

उन्होंने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में विफल रही है और इसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है।

कुल मिलाकर, पिंजौर–बद्दी–नालागढ़ सड़क मार्ग की स्थिति न केवल स्थानीय बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर चिंता का विषय बन चुकी है। अब देखना होगा कि सरकार इस पर क्या कदम उठाती है और कब तक इस महत्वपूर्ण परियोजना को पूरा किया जाता है।