पेट्रोल-डीजल पर टैक्स घटाने पर बिंदल ने जताया आभार

rakesh nandan

27/03/2026

हिमाचल प्रदेश में ईंधन की कीमतों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में की गई कटौती का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है।

उन्होंने कहा कि 26 मार्च 2026 को भारत सरकार द्वारा जारी आधिकारिक गजट अधिसूचना के माध्यम से पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में ऐतिहासिक कमी की गई है। यह निर्णय वैश्विक परिस्थितियों और विशेष रूप से पश्चिम एशिया में जारी अस्थिरता के बीच लिया गया है, जो केंद्र सरकार की दूरदर्शिता और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

डॉ. बिंदल ने जानकारी देते हुए बताया कि अधिसूचना संख्या 05/2026-Central Excise के तहत पेट्रोल (Motor Spirit) पर उत्पाद शुल्क को ₹13 प्रति लीटर से घटाकर ₹3 प्रति लीटर कर दिया गया है। वहीं डीजल (High Speed Diesel) पर उत्पाद शुल्क को ₹10 प्रति लीटर से घटाकर शून्य कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि इस फैसले से देश के लगभग 140 करोड़ नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा और महंगाई पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी। उनका मानना है कि ईंधन की कीमतों में कमी का असर परिवहन, कृषि और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ेगा, जिससे आम जनता को राहत मिलेगी।

इसके साथ ही केंद्र सरकार ने ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। डीजल पर ₹21.5 प्रति लीटर तथा एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर ₹29.5 प्रति लीटर का निर्यात शुल्क लगाया गया है, ताकि देश में ईंधन की कमी न हो और कीमतें स्थिर बनी रहें।

डॉ. बिंदल ने कहा कि यह निर्णय इस बात का प्रमाण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार हर परिस्थिति में “जनहित सर्वोपरि” के सिद्धांत पर कार्य करती है। उन्होंने इसे ‘ईज ऑफ लिविंग’ को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।

इसके विपरीत, उन्होंने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जहां केंद्र सरकार टैक्स घटाकर राहत दे रही है, वहीं प्रदेश सरकार पेट्रोल और डीजल पर ₹5 प्रति लीटर तक सेस लगाने की योजना बना रही है। उन्होंने इस प्रस्ताव को जनविरोधी बताते हुए कहा कि इससे आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।

डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार पहले ही डीजल पर ₹10.40 प्रति लीटर टैक्स लगाकर जनता से हजारों करोड़ रुपये वसूल चुकी है। अब अतिरिक्त सेस लगाने से किसान, बागवान, व्यापारी और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोग और अधिक प्रभावित होंगे।

उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट अंतर है—एक ओर केंद्र सरकार है जो करों में कमी कर जनता को राहत देने का प्रयास कर रही है, जबकि दूसरी ओर प्रदेश सरकार है जो नए कर लगाकर जनता की जेब पर बोझ बढ़ा रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा इस प्रस्तावित सेस का कड़ा विरोध करेगी और प्रदेश की जनता के हितों की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन पर टैक्स नीति का सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ता है। ऐसे में करों में कटौती से जहां राहत मिलती है, वहीं बढ़ोतरी से महंगाई पर दबाव बढ़ता है।

कुल मिलाकर, केंद्र सरकार द्वारा उत्पाद शुल्क में की गई कमी को भाजपा एक बड़ा जनहितकारी कदम बता रही है, जबकि राज्य सरकार की संभावित नीतियों को लेकर राजनीतिक बहस तेज होती नजर आ रही है।