जिला स्तरीय सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) समिति की समीक्षा बैठक सोमवार को उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में त्रैमासिक कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने बताया कि जिला शिमला में 624 उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से राशन वितरित किया जा रहा है, जिनमें 347 सहकारी सभाएं, 229 व्यक्तिगत दुकानें, 2 महिला मंडल, 4 ग्राम पंचायतें और खाद्य आपूर्ति निगम की 41 दुकानें शामिल हैं। सितंबर से नवंबर के बीच 1308 निरीक्षण किए गए, जिनमें 13 दुकानों में अनियमितताएं पाई गईं और 12,200 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
उन्होंने बताया कि जून से अगस्त के दौरान खाद्यान्नों के 37 सैंपल लिए गए, जिनमें से 4 सैंपल की रिपोर्ट असंतोषजनक पाई गई। इसके अलावा जिले में तीन आधार पंजीकरण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। बैठक में विकास खंड नारकंडा के तहत ग्राम पंचायत बड़ागांव के गांव सराहन, ननखड़ी के गांव खमाड़ी, ठियोग के गांव वजैती और रून्कली में नई उचित मूल्य दुकानें खोलने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि उचित मूल्य दुकानों में खाद्य वस्तुओं का सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित किया जाए और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण राशन उपलब्ध कराया जाए। खराब खाद्य सामग्री की बिक्री की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
55,839 राशन कार्ड लाभार्थी पाए गए संदेहजनक
इसके पश्चात जिला स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। जिले में 84,636 परिवारों को कवर करने का लक्ष्य है, जिसमें 72,147 ग्रामीण और 12,489 शहरी परिवार शामिल हैं। अब तक 66,230 परिवारों का चयन किया गया है। बैठक में बताया गया कि 55,839 राशन कार्ड लाभार्थी संदेहजनक पाए गए हैं, जिससे पात्र लाभार्थियों के चयन पर प्रभाव पड़ सकता है। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त दिव्यांशु सिंगल, जिला नियंत्रक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नरेंद्र धीमान सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
