हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब में खस्ताहाल सड़कों को लेकर स्थानीय लोगों और दुकानदारों का गुस्सा फूट पड़ा है। शहर के वार्ड नंबर 6 और 12 के निवासियों ने सड़क की खराब स्थिति से परेशान होकर प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया और उपमंडलाधिकारी (SDM) को ज्ञापन सौंपकर जल्द समाधान की मांग की।
🔹 सड़क की हालत बनी परेशानी का कारण
स्थानीय लोगों के अनुसार पांवटा साहिब से बांगरण जाने वाले मार्ग पर चुंगी नंबर 6 से लेकर बांगरण बाईपास तक सड़क की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बने हुए हैं, जिससे न केवल यातायात प्रभावित हो रहा है बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बना हुआ है।
🔹 धूल-मिट्टी से बढ़ रहा बीमारी का खतरा
लोगों का कहना है कि खस्ताहाल सड़क से उड़ने वाली धूल और मिट्टी ने उनकी परेशानियां और बढ़ा दी हैं। दुकानदारों के अनुसार दिनभर उड़ने वाली धूल से व्यापार प्रभावित हो रहा है, वहीं स्थानीय लोगों में सांस और अन्य बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
🔹 मिट्टी डालने पर भड़का लोगों का गुस्सा
हाल ही में लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क के गड्ढों को मिट्टी डालकर भरने का कार्य शुरू किया गया, जिसका स्थानीय लोगों ने कड़ा विरोध किया। लोगों का कहना है कि यह समस्या का स्थायी समाधान नहीं है, बल्कि इससे धूल और अधिक बढ़ेगी। गुस्साए लोगों ने मौके पर ही इस कार्य को रुकवा दिया और विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई।
🔹 SDM को सौंपा ज्ञापन
वार्ड नंबर 6 और 12 के स्थानीय लोगों और दुकानदारों ने संयुक्त रूप से एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने मांग की कि सड़क की मरम्मत केवल अस्थायी रूप से न की जाए, बल्कि इसे तारकोल (डामर) डालकर पक्का बनाया जाए, ताकि लंबे समय तक राहत मिल सके।
🔹 पहले भी कई बार उठाई जा चुकी है मांग
स्थानीय लोगों ने बताया कि इस समस्या को लेकर वे पहले भी कई बार प्रशासन और संबंधित विभाग को अवगत करवा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
🔹 व्यापारियों पर भी असर
दुकानदारों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है। धूल और गड्ढों के कारण लोग इस मार्ग से गुजरने से बचते हैं, जिससे स्थानीय व्यापार पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है।
🔹 प्रशासन से जल्द समाधान की मांग
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस सड़क की हालत को गंभीरता से लिया जाए और जल्द से जल्द इसका स्थायी समाधान किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।