पुनर्गठन एवं विभाजन से प्रभावित हिमाचल प्रदेश की 24 ग्राम पंचायतों की मतदाता सूचियों के प्रारूप जारी कर दिए गए हैं। इन सूचियों को आम जनता के निरीक्षण के लिए संबंधित पंचायत कार्यालयों, पंचायत समितियों, जिला परिषद कार्यालय और जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) कार्यालय में उपलब्ध करवाया गया है।
उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) Gandharva Rathore ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इन पंचायतों में बड़ा, कोटला चिल्लियां, जलाड़ी, उट्टप, गाहली, टिल्लू, चमराल, नघूं, लंजयाणा, उटपुर, पुरली, समीरपुर, संगरोह कलां, खरवाड़, कड़ोहता, भौंखर, जख्योल, दसमल, री, चबूतरा, करोट, दाड़ला, बलेहू और बड़ेई शामिल हैं।
📋 अर्हक तिथि और पात्रता
उपायुक्त ने बताया कि इन मतदाता सूचियों की अर्हक तिथि 1 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है। यानी इस तिथि तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके सभी पात्र नागरिक अपने नाम मतदाता सूची में शामिल करवा सकते हैं।
📝 दावे और आपत्तियां दर्ज करने की प्रक्रिया
यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हुआ है, तो वह निर्धारित प्रपत्र के माध्यम से 13 अप्रैल 2026 तक अपना दावा प्रस्तुत कर सकता है। यह दावा संबंधित पुनरीक्षण अधिकारी एवं खंड विकास अधिकारी के समक्ष स्वयं, अपने प्रतिनिधि के माध्यम से या पंजीकृत डाक द्वारा भेजा जा सकता है।
इसी प्रकार, यदि किसी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल हो गया है, तो उसे हटाने के लिए भी आपत्तियां निर्धारित प्रपत्र पर 13 अप्रैल तक दर्ज करवाई जा सकती हैं।
⚖️ दावों और आपत्तियों का निपटारा
गंधर्वा राठौड़ ने बताया कि पुनरीक्षण अधिकारी द्वारा सभी दावों और आपत्तियों का निपटारा 17 अप्रैल 2026 तक कर दिया जाएगा। इसके बाद यदि कोई व्यक्ति पुनरीक्षण अधिकारी के निर्णय से संतुष्ट नहीं है, तो वह 24 अप्रैल 2026 तक अपील कर सकता है।
इन अपीलों का निपटारा 27 अप्रैल 2026 तक कर दिया जाएगा, जिसके बाद संबंधित पंचायतों की मतदाता सूचियों को अंतिम रूप से प्रकाशित कर दिया जाएगा।
🗳️ लोकतांत्रिक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण कदम
अधिकारियों के अनुसार, मतदाता सूची का सही और अद्यतन होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया की नींव है। पंचायत स्तर पर होने वाले चुनावों में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए यह प्रक्रिया अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
📢 आम जनता से अपील
जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे मतदाता सूचियों का निरीक्षण अवश्य करें और यदि किसी प्रकार की त्रुटि पाई जाती है, तो निर्धारित समय के भीतर अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करवाएं।
यह भी कहा गया है कि समय सीमा के बाद किसी प्रकार का दावा या आपत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी, इसलिए सभी पात्र नागरिक समय रहते अपनी जानकारी को सुनिश्चित करें।
🔚 निष्कर्ष
24 पंचायतों की मतदाता सूचियों का प्रारूप जारी होना पंचायत चुनाव प्रक्रिया की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब आम जनता की जिम्मेदारी है कि वे इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएं और अपने मताधिकार को सुनिश्चित करें।