भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश की 3577 पंचायतों के विकास कार्य जानबूझकर ठप कर दिए गए हैं, क्योंकि 15वें वित्त आयोग के तहत केंद्र सरकार से प्राप्त ₹170 करोड़ अब तक पंचायतों तक नहीं पहुंचाए गए। उन्होंने कहा कि सितंबर–अक्टूबर 2025 में जारी पहली किस्त के वितरण में देरी चिंताजनक है, जबकि इसी फंड से स्वच्छता, पेयजल, सड़क मरम्मत, पंचायत भवन और सार्वजनिक स्थलों के विकास कार्य होने थे।
उन्होंने कहा कि जब पंचायतों के खातों में पैसा ही नहीं पहुंचा तो उपयोगिता प्रमाण पत्र, प्रगति रिपोर्ट और दूसरी किस्त की प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ेगी? कांग्रेस सरकार ने ग्रामीण विकास तंत्र को पूरी तरह पंगु कर दिया है।
भारद्वाज ने स्पष्ट किया कि 15वें वित्त आयोग की राशि 100% केंद्र द्वारा दी जाती है, जिसका वितरण 70% ग्राम पंचायतों, 15% पंचायत समितियों और 15% जिला परिषदों को किया जाता है। टाइड फंड स्वच्छता-पेयजल के लिए और अनटाइडेड फंड स्थानीय प्राथमिकताओं के विकास हेतु होता है, लेकिन सरकार की लापरवाही के कारण दोनों ही फंड जारी नहीं हुए।
उन्होंने पंचायती राज मंत्री की टिप्पणी को गैर-जिम्मेदाराना करार देते हुए पूछा कि ₹170 करोड़ किस विभाग में अटके हैं, किस खाते में पड़े हैं और रुके हुए विकास कार्य कब शुरू होंगे। भाजपा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने राशि जल्द जारी नहीं की, तो पार्टी सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि यह केवल धन का मामला नहीं, बल्कि ग्रामीण जनता के भविष्य से खिलवाड़ है।