हिमाचल प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति के प्रतीक छिंज मेलों की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए पक्का भरो में आयोजित छिंज मेले का भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर राज्य नशा निवारण बोर्ड के संयोजक एवं सलाहकार नरेश ठाकुर ने मुख्य अतिथि के रूप में मेले का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, खिलाड़ी और आयोजक उपस्थित रहे।
उद्घाटन समारोह के दौरान नरेश ठाकुर ने आयोजन समिति और क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि छिंज मेले हमारी पारंपरिक संस्कृति का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल मनोरंजन का माध्यम होते हैं, बल्कि समाज में भाईचारे और मेल-मिलाप को भी बढ़ावा देते हैं।
उन्होंने विशेष रूप से युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में नशे जैसी सामाजिक बुराई एक बड़ी चुनौती बन चुकी है। ऐसे में खेल गतिविधियां युवाओं को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने कहा कि कुश्ती जैसे पारंपरिक खेल न केवल शारीरिक रूप से मजबूत बनाते हैं, बल्कि अनुशासन और आत्मविश्वास भी विकसित करते हैं।
नरेश ठाकुर ने कहा कि छिंज मेले युवाओं को खेलों के प्रति आकर्षित करने का एक प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने सभी छिंज मेला कमेटियों से आग्रह किया कि वे युवाओं को नशे से दूर रखने और खेलों की ओर प्रेरित करने के लिए विशेष प्रयास करें।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि प्रदेश सरकार ने युवाओं को नशे से बचाने और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए बजट में 12 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया है। यह कदम युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों में शामिल करने और समाज को नशामुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
मुख्य अतिथि ने आश्वासन दिया कि पक्का भरो के छिंज मेले के विस्तार और विकास के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे, ताकि यह मेला भविष्य में और अधिक भव्य रूप ले सके और अधिक से अधिक लोगों को आकर्षित कर सके।
इससे पहले, पक्का भरो छिंज मेला कमेटी के अध्यक्ष होशियार सिंह ठाकुर, कोषाध्यक्ष रूप सिंह ठाकुर, सदस्य तिलक चंद चौधरी, अभय ठाकुर, पवन ठाकुर और अन्य पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथि का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने मेले से संबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी भी साझा की।

मेले में आयोजित कुश्ती प्रतियोगिताओं में बड़ी संख्या में पहलवानों ने भाग लिया। पहलवानों ने अपने दमखम और कौशल का शानदार प्रदर्शन किया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। पूरे आयोजन के दौरान उत्साह और ऊर्जा का माहौल देखने को मिला।
छिंज मेले न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं, बल्कि स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे आयोजनों से ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक एकता को भी मजबूती मिलती है।
कुल मिलाकर, पक्का भरो का यह छिंज मेला न केवल सांस्कृतिक धरोहर को संजोने का माध्यम बना, बल्कि युवाओं को नशे से दूर रखने और खेलों के प्रति प्रेरित करने का एक सफल प्रयास भी साबित हुआ।
