मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण चौधरी के निर्देशानुसार जिला स्तरीय नवजात शिशु देखभाल सप्ताह का आयोजन बसंत रिसोर्ट हमीरपुर में किया गया। कार्यक्रम में जन शिक्षा एवं सूचना अधिकारी बीरबल वर्मा ने प्रतिभागियों को नवजात देखभाल के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हर वर्ष 15 से 21 नवंबर तक मनाया जाने वाला यह सप्ताह नवजात शिशुओं की देखभाल, स्वास्थ्य संरक्षण और जीवन दर में सुधार के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है। नवजात (जन्म के पहले 28 दिन) के लिए यह अवधि अत्यंत संवेदनशील होती है, जिसमें विशेष और तत्काल देखभाल की आवश्यकता होती है।
नवजात देखभाल के लिए विशेष कार्यक्रम
अधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा
संस्थागत प्रसव को बढ़ावा
प्रसव कक्ष में नवजात की देखभाल
समय से पूर्व जन्मे व कम वजन वाले बच्चों के लिए SNCU और HBNC कार्यक्रम
प्राथमिकता के आधार पर संचालित किए जा रहे हैं।
उन्होंने नवजात शिशु की देखभाल के अंतर्गत स्तनपान, शरीर का तापमान बनाए रखना, स्वच्छता, गर्भनाल की साफ-सफाई, नियमित टीकाकरण, बार-बार डायपर बदलना और सिर-गर्दन को सही सहारा देने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की।
हर नवजात को सुरक्षित जन्म और पोषण का अधिकार — सुरेश शर्मा
पूर्व एमईआईओ सुरेश शर्मा ने कहा कि हर नवजात शिशु को सुरक्षित जन्म, पर्याप्त पोषण और गुणवत्ता युक्त चिकित्सा सुविधाओं का अधिकार मिलना चाहिए। यह नवजात मृत्यु दर में कमी लाने का पहला और महत्वपूर्ण कदम है।
35 से अधिक प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम में जिला आशा कोऑर्डिनेटर नेहा कटोच सहित 35 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। यह कार्यक्रम नवजात स्वास्थ्य, मातृ देखभाल और समुदाय स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा।