मंडी में NCORD बैठक: नशा तस्करों पर सख्ती तेज

rakesh nandan

06/04/2026

जिला स्तरीय नार्को समन्वय समिति (NCORD) की बैठक Mandi में अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी Dr. Madan Kumar की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जिले में बढ़ती नशे की समस्या पर गंभीर चर्चा करते हुए तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए गए।

अध्यक्षता करते हुए डॉ. मदन कुमार ने स्पष्ट किया कि नशे के अवैध व्यापार में संलिप्त लोगों के खिलाफ जिला प्रशासन लगातार कठोर कदम उठा रहा है और भविष्य में भी इस पर कोई ढील नहीं दी जाएगी।


🚨 शिक्षण संस्थानों के आसपास विशेष निगरानी के निर्देश

बैठक में पुलिस और शिक्षा विभाग को विशेष निर्देश दिए गए कि स्कूलों और कॉलेजों के आसपास स्थित दुकानों पर कड़ी निगरानी रखी जाए।

उन्होंने कहा कि यदि किसी विशेष वस्तु की बिक्री या उपयोग असामान्य रूप से अधिक पाया जाता है, तो इसकी तुरंत सूचना प्रशासन को दी जाए, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

हमीरपुर में टॉफी में चरस मिलाकर बेचने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन और अधिक सतर्क हो गया है। ऐसे मामलों की समय पर पहचान और रोकथाम के लिए अधिकारियों को सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए।


📊 NDPS मामलों की समीक्षा: 3 माह में 81 केस

बैठक में NDPS Act के तहत दर्ज मामलों की विस्तृत समीक्षा भी की गई।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक Abhimanyu Verma ने जानकारी देते हुए बताया कि 1 जनवरी से 31 मार्च 2026 तक कुल 81 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 116 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

इनमें 110 पुरुष और 6 महिलाएं शामिल हैं। मामलों का विवरण इस प्रकार है:

  • 46 मामले चरस के
  • 28 मामले हेरोइन के
  • 3 मामले अफीम डोडा के
  • 4 मामले प्रतिबंधित दवाओं के

📦 नशीले पदार्थों की बड़ी बरामदगी

अभिमन्यु वर्मा ने बताया कि फरवरी माह में 33.127 ग्राम हेरोइन और मार्च में 177.165 ग्राम हेरोइन जब्त की गई।

इसी प्रकार चरस की बरामदगी फरवरी में 3.803 किलोग्राम और मार्च में 10.734 किलोग्राम रही। जनवरी माह में 138.165 किलोग्राम पोस्त का चूरा भी बरामद किया गया, जो बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।


⚖️ वित्तीय जांच और संपत्ति अटैचमेंट

वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान NDPS मामलों से जुड़ी वित्तीय जांच के 21 मामले दर्ज किए गए हैं।

  • 34 मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं
  • 3 मामलों में आरोपियों की अवैध संपत्ति अटैच की जा चुकी है
  • 2 मामलों में अटैचमेंट प्रक्रिया जारी है

इसके अलावा 18 मामलों को एडवाइजरी बोर्ड को भेजा गया है, जबकि वर्ष 2026 में अब तक 5 नए मामले भेजे गए हैं, जिनमें से 4 में डिटेंशन आदेश जारी हो चुके हैं।


⚠️ नशे की लत के लक्षणों पर जागरूकता जरूरी

बैठक में यह भी कहा गया कि अभिभावकों और शिक्षकों को बच्चों में नशे की आदत के संकेतों को पहचानने के लिए सतर्क रहना चाहिए।

नशे से प्रभावित युवाओं में निम्न लक्षण दिखाई दे सकते हैं:

  • आंखों का लाल होना और छिपाना
  • अकेले रहना या अंधेरे में समय बिताना
  • व्यवहार में बदलाव और चिड़चिड़ापन
  • वजन कम होना
  • अधिक सोना या कम बोलना
  • उंगलियों पर जले के निशान
  • स्कूल से अनुपस्थित रहना

इन संकेतों को समय रहते पहचानकर उचित कदम उठाना बेहद जरूरी है।


📢 वर्षभर चलेगा नशा जागरूकता अभियान

बैठक में डॉ. पवनेश द्वारा आगामी वर्ष के लिए नशा जागरूकता अभियान की रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई।

इस अभियान के तहत:

  • हर महीने एक विशेष विषय पर जागरूकता कार्यक्रम होंगे
  • स्कूलों और कॉलेजों में स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा संवाद किया जाएगा
  • उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाए जाएंगे

इस पहल का मुख्य उद्देश्य इलाज के बजाय रोकथाम और परामर्श को प्राथमिकता देना है।