मंडी में 23 हजार किसान जुड़े प्राकृतिक खेती से

rakesh nandan

12/04/2026

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के प्रयास अब रंग लाने लगे हैं। प्रदेश में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए उठाए गए कदमों का सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है, विशेषकर मंडी जिला में। पिछले तीन वर्षों में मंडी जिले में 23,291 नए किसान प्राकृतिक खेती से जुड़े हैं, जिससे कुल किसानों की संख्या बढ़कर 48,380 हो गई है।


🌾 किसानों को मिला बेहतर दाम

प्रदेश सरकार द्वारा प्राकृतिक खेती से उत्पादित फसलों के लिए देश में सबसे अधिक न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय किया गया है। इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है और उनकी आय में वृद्धि हो रही है।

सरकार द्वारा घोषित MSP इस प्रकार है:

  • गेहूं: ₹60 से बढ़ाकर ₹80 प्रति किलो
  • मक्की: ₹40 से बढ़ाकर ₹50 प्रति किलो
  • हल्दी: ₹90 से बढ़ाकर ₹150 प्रति किलो
  • अदरक: पहली बार ₹30 प्रति किलो

इस बढ़ोतरी से किसान खासे उत्साहित हैं और प्राकृतिक खेती की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं।


💰 किसानों को 78 लाख का लाभ

मंडी जिले में पिछले दो वर्षों में प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को लगभग 78 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। यह राशि सीधे किसानों के खातों में हस्तांतरित की गई है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आया है।


👩‍🌾 किसानों ने जताई खुशी

सरकाघाट, सुंदरनगर, बल्ह और करसोग क्षेत्रों की महिला किसानों—नीलम, प्रेमलता, लीला देवी और गीता—ने कहा कि MSP में बढ़ोतरी से उनकी आमदनी में सुधार हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री की इस पहल को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाला कदम बताया और इसके लिए आभार व्यक्त किया।


📊 उत्पादन और खरीद के आंकड़े

कृषि विभाग (आत्मा) के अनुसार:

वर्ष 2024-25 में

  • 328 किसानों से 651.33 क्विंटल मक्का
  • 15 किसानों से 2.922 मीट्रिक टन हल्दी
  • 152 किसानों से 290.67 क्विंटल गेहूं खरीदा गया

वर्ष 2025-26 में

  • 192 किसानों से 389.48 क्विंटल मक्का
  • 236 किसानों से 230 क्विंटल हल्दी खरीदी गई

आने वाले माह में गेहूं की खरीद भी शुरू की जाएगी।


🚚 ढुलाई पर अतिरिक्त सहायता

सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। गेहूं को प्रापण केंद्र तक पहुंचाने पर किसानों को ₹200 प्रति क्विंटल ढुलाई भत्ता दिया जा रहा है। यह विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों के किसानों के लिए राहत भरा कदम है।


📍 छह प्रापण केंद्र स्थापित

प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पादों की खरीद के लिए मंडी जिले में छह प्रापण केंद्र स्थापित किए गए हैं:

  • मंडी सदर
  • पधर
  • सुंदरनगर
  • जोगिंदरनगर
  • सरकाघाट
  • धर्मपुर

इन केंद्रों के माध्यम से किसानों को अपनी उपज बेचने में आसानी हो रही है।


💸 करोड़ों की सहायता सीधे खातों में

आंकड़ों के अनुसार:

  • वर्ष 2024-25 में 495 किसानों को ₹37.05 लाख
  • वर्ष 2025-26 में 428 किसानों को ₹40.17 लाख

की राशि सीधे उनके खातों में ट्रांसफर की गई है।

यह पारदर्शी व्यवस्था किसानों के विश्वास को और मजबूत कर रही है।


🗣️ प्रशासन का बयान

उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है और अधिक से अधिक किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार समय-समय पर MSP बढ़ाकर किसानों को लाभ पहुंचा रही है।


🌱 ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की यह पहल न केवल किसानों की आय बढ़ा रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बना रही है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ टिकाऊ कृषि प्रणाली को भी बढ़ावा मिल रहा है।