प्राकृतिक खेती से खुशहाल हुई किसान तारावती की आर्थिकी

rakesh nandan

15/01/2026

हिमाचल प्रदेश की अधिकांश जनसंख्या खेती-बाड़ी पर निर्भर है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा किसानों की आर्थिकी को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से अनेक जन-हितैषी एवं कल्याणकारी योजनाएं लागू की जा रही हैं। इन्हीं प्रयासों के तहत प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना शुरू की है, जिसका उद्देश्य किसानों को रासायनिक मुक्त, कम लागत वाली और पर्यावरण-संवेदनशील खेती के लिए प्रोत्साहित करना है। इस योजना के अंतर्गत सरकार किसानों के प्राकृतिक उत्पादों को बेहतर मूल्य दिलाने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य भी प्रदान कर रही है। इसके तहत प्राकृतिक रूप से उत्पादित गेहूं के लिए 60 रुपये, मक्की के लिए 40 रुपये, जौ के लिए 60 रुपये और कच्ची हल्दी के लिए 90 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से समर्थन मूल्य तय किया गया है।

इस योजना से लाभान्वित पांवटा साहिब क्षेत्र के केदारपुर गांव की किसान तारावती ने बताया कि वह पिछले कई वर्षों से खेती कर रही थीं, लेकिन रासायनिक खाद और कीटनाशकों के उपयोग से उनकी भूमि की उर्वरता कम होने लगी थी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी सामने आ रही थीं। उन्होंने महसूस किया कि रासायनिक खेती से मिट्टी की गुणवत्ता और फसल दोनों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना शुरू किए जाने के बाद तारावती ने शुरुआत में अपनी थोड़ी सी भूमि पर प्राकृतिक खेती का प्रयोग किया। उन्होंने देसी गाय के गोबर और गोमूत्र से जैविक खाद तैयार करना तथा वनस्पतियों से प्राकृतिक कीटनाशक बनाना सीखा।

उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष उन्होंने प्राकृतिक खेती के माध्यम से केवल 45 किलोग्राम हल्दी की बुवाई की थी, जिससे लगभग 7 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ। इस फसल को प्रदेश सरकार द्वारा लगभग 38 हजार रुपये में खरीदा गया। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती से न केवल उत्पादन बढ़ा, बल्कि लागत भी कम हुई और हल्दी की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ। इस वर्ष तारावती ने प्राकृतिक खेती के माध्यम से लगभग पौने दो क्विंटल हल्दी लगाई है, जिससे उन्हें करीब 22 क्विंटल उत्पादन होने की उम्मीद है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती से उनकी आय बढ़ी है और खर्च में भी कमी आई है। उनकी इस सफलता से गांव के अन्य किसान भी प्रेरित हो रहे हैं। तारावती ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के प्रति संवेदनशील है और मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में किसानों के हित में निरंतर कार्य कर रही है, जिसके लिए उन्होंने सरकार का आभार व्यक्त किया।