भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान, शिमला और SHoDH Foundation पंजाब के संयुक्त तत्वावधान में “अविस्मृत गौरव-गाथाएं: स्वाधीनता संग्राम में पंजाब की अनुश्रुत शौर्य-धारा” विषय पर दो-दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी सम्पन्न हुई। 03–04 दिसंबर 2025 तक संस्थान प्रांगण में आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर से प्रोफेसरों, शोधार्थियों और शिक्षाविदों ने भाग लिया।
समापन सत्र के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय संगठन मंत्री (ABVP) आशीष चौहान रहे। उन्होंने कहा कि पंजाब का स्वतंत्रता संघर्ष केवल रणभूमि तक सीमित नहीं था, बल्कि बौद्धिक, सामाजिक और वैचारिक आंदोलनों का केंद्र भी रहा है। उन्होंने सामाजिक विज्ञान अनुसंधान को और प्रोत्साहन देने की आवश्यकता बताई।
विशेष अतिथि के रूप में सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ पंजाब के कुलपति प्रो. राघविंदर तिवारी उपस्थित रहे। संगोष्ठी संयोजिका डॉ. प्रियंका वैद्य ने कार्यवाही रिपोर्ट प्रस्तुत की, जबकि विशिष्ट अतिथि श्री राजीव कुमार मिश्रा ने अपने विचार साझा किए। SHoDH Foundation की ओर से कार्तिक शर्मा ने वार्षिक कैलेंडर प्रस्तुत किया और सह-संयोजक डॉ. नीरज कुमार सिंह ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा।
दो दिनों की यह संगोष्ठी पंजाब की अनसुनी एवं अविस्मृत शौर्य-गाथाओं को मुख्यधारा के शोध विमर्श में लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुई।