राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा ऊना में जिला स्तरीय सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त जतिन लाल ने की। इस अवसर पर “भ्रामक सूचनाओं के दौर में पत्रकारिता की विश्वसनीयता का संरक्षण” विषय पर सार्थक विचार–गोष्ठी आयोजित हुई, जिसमें जिले के वरिष्ठ एवं युवा पत्रकारों ने भाग लिया।
उपायुक्त ने सभी पत्रकारों को राष्ट्रीय प्रेस दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मीडिया की विश्वसनीयता उसकी सबसे बड़ी पूंजी है, और वर्तमान समय में इसे सुरक्षित रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मीडिया प्रशासन और जनता के बीच सूचना का मजबूत सेतु है, जो समाज के छिपे हुए पक्षों को उजागर करने और जन-जागरूकता बढ़ाने में प्रमुख भूमिका निभाता है।
सोशल मीडिया और ‘इन्फ्लुएंसर संस्कृति’ पर चिंता
जतिन लाल ने कहा कि सोशल मीडिया पर ‘इन्फ्लुएंसर’ बनने की प्रवृत्ति के चलते कई बार अपुष्ट, असत्य और भ्रामक सूचनाएं तेजी से फैल जाती हैं।
ऐसे समय में पत्रकारों को तथ्यान्वेषण, जिम्मेदारी और आत्मनियंत्रण के साथ कार्य करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मीडिया पर किसी बाहरी नियंत्रण से अधिक जरूरी है कि पत्रकारिता “आत्म-अनुशासन और तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग” की अपनी परंपरा को और मजबूत करे।
रचनात्मक आलोचना स्वागत योग्य
उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन तथ्याधारित और रचनात्मक आलोचना का सदैव स्वागत करता है, क्योंकि इससे व्यवस्था में सुधार की दिशा तय होती है। उन्होंने सोशल मीडिया पर बिना सत्यापन के फैलाई जा रही अफवाहों पर भी चिंता जताई।
बल्क ड्रग पार्क पर भ्रामक सूचनाओं को लेकर चेतावनी
उन्होंने बताया कि बल्क ड्रग पार्क परियोजना केंद्र और राज्य सरकार के सभी नियमों के तहत संचालित हो रही है, लेकिन इसके बावजूद सोशल मीडिया पर भ्रम फैलाने वाले संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकास विरोधी मानसिकता से ऊपर उठकर तथ्यों पर आधारित संवाद की आवश्यकता है।
भाग-2 : पत्रकारों ने रखे अपने विचार
सम्मेलन के दूसरे सत्र में आयोजित परिचर्चा में पत्रकारों ने बढ़ती फेक न्यूज, तथ्य-जांच, नैतिक पत्रकारिता और आधुनिक मीडिया की चुनौतियों पर अपने विचार रखे।
सुरिंदर शर्मा (पंजाब केसरी एवं प्रेस क्लब ऊना अध्यक्ष)
उन्होंने कहा कि सूचना तक पहुंच आसान हो चुकी है, लेकिन फैक्ट चेकिंग और स्रोतों की जांच और भी महत्वपूर्ण हो गई है।
सरकारी पोर्टल, डिजिटल टूल्स और आधिकारिक दस्तावेज पत्रकारों के लिए महत्वपूर्ण संसाधन हैं।
जितेंद्र कंवर (दिव्य हिमाचल)
उन्होंने कहा कि संसाधनों की कमी के बावजूद पत्रकारिता अभी भी ईमानदारी, पारदर्शिता और जनहित को सर्वोपरि रखकर कार्य कर रही है।
राजेश शर्मा (दि ट्रिब्यून)
उन्होंने कहा कि पत्रकार का कार्य केवल खबर लिखना नहीं, बल्कि सटीक और जांची हुई जानकारी जनता तक पहुंचाना है।
सूचना की बाढ़ के बीच विश्वसनीयता तभी बनी रह सकती है जब खबरें तथ्यों की कसौटी पर खरी उतरें।
सरोज मोदगिल (पंजाब केसरी)
उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि किसी भी खबर को प्रकाशित करने से पूर्व स्रोत और प्रमाण की गहराई से जांच अवश्य करें।
अनंत ज्ञान, आपका फैसला, अर्थ प्रकाश, रणजय सैकुलर, दिनभर मीडिया नेटवर्क और युगमार्ग
विभिन्न पत्रकारों ने कहा कि पत्रकारिता की प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए निष्पक्षता, संतुलन और सत्यता के सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं होना चाहिए।
सोशल मीडिया पर संयम और जिम्मेदारी जरूरी
कई पत्रकारों ने कहा कि आज सोशल मीडिया सबसे तेज माध्यम बन चुका है, इसलिए इसकी खबरों को भी जिम्मेदारी और सत्यापन के साथ ही प्रकाशित करना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में उपायुक्त जतिन लाल ने सभी पत्रकारों को सम्मानित किया।