राष्ट्रीय प्रेस दिवस के उपलक्ष्य पर रविवार को सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने स्थानीय प्रेस रूम में एक संगोष्ठी का आयोजन किया। इस संगोष्ठी की अध्यक्षता एसपी भगत सिंह ठाकुर ने की। भारतीय प्रेस परिषद द्वारा इस वर्ष तय किए गए विषय “बढ़ती भ्रामक सूचनाओं के बीच प्रेस की विश्वसनीयता का संरक्षण” पर पत्रकारों, अधिकारियों और मीडिया प्रतिनिधियों द्वारा विस्तृत चर्चा की गई।
एसपी भगत सिंह ठाकुर ने बड़ी संख्या में उपस्थित प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारों को राष्ट्रीय प्रेस दिवस की बधाई देते हुए कहा कि डिजिटल युग में सूचना के प्रसार की गति अभूतपूर्व रूप से बढ़ी है, लेकिन साथ ही फेक न्यूज और भ्रामक सूचनाओं का खतरा भी कई गुना बढ़ गया है।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के अनियंत्रित प्लेटफॉर्म्स पर फैल रही झूठी खबरें समाज में भ्रम पैदा करती हैं, ऐसे में मुख्यधारा मीडिया की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस समय में भी मेन स्ट्रीम मीडिया ने अपनी विश्वसनीयता कायम रखी है, जो सराहनीय है।
एसपी ठाकुर ने हाल ही में सलासी हत्याकांड की मीडिया कवरेज का उल्लेख करते हुए कहा कि हमीरपुर के पत्रकारों ने तथ्यात्मक, संयमित एवं कानून के दायरे में रहकर रिपोर्टिंग कर एक आदर्श प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि ऐसी जिम्मेदार पत्रकारिता ही प्रेस की विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है और जनता का विश्वास कायम रखती है।
संगोष्ठी के दौरान जिला लोक संपर्क अधिकारी ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस के इतिहास और महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकारों—सुशील शर्मा, विशाल राणा, अनिरुद्ध डोगरा, कमलेश भारद्वाज, राजीव चौहान, मंगलेश कुमार, सुरेंद्र कुमार, जीवन कुमार, डॉ. आदित्य पुरी, रविंद्र सिंह, बालकृष्ण सहित अन्य पत्रकारों—ने भी अपने विचार साझा किए।
सभी ने बदलते मीडिया परिदृश्य, फेक न्यूज की चुनौतियों, पत्रकारिता की विश्वसनीयता और जिम्मेदार रिपोर्टिंग की आवश्यकता पर अपने महत्वपूर्ण सुझाव और अनुभव साझा किए।