राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर बिलासपुर में संगोष्ठी: “भ्रामक सूचनाओं के बीच प्रेस की विश्वसनीयता बनाए रखना समय की सबसे बड़ी चुनौती”

rakesh nandan

17/11/2025

राष्ट्रीय प्रेस दिवस के उपलक्ष्य पर आज लेकव्यू होटल, बिलासपुर में सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग द्वारा जिला स्तरीय प्रेस दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने की।

उपायुक्त ने सभी मीडिया कर्मियों को प्रेस दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विभिन्न सरकारी योजनाओं, नीतियों और सूचनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने में प्रेस एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करता है।

“प्रेस समाज का दर्पण है” – उपायुक्त राहुल कुमार

राहुल कुमार ने कहा कि मीडिया समाज की समस्याओं, जन-भावनाओं और सरकार की विकासात्मक पहलों को जनता तक पहुंचाने में अग्रणी भूमिका निभाता है। उन्होंने मीडिया कर्मियों से आग्रह किया कि समाचार संप्रेषण के दौरान नैतिकता, सत्य, तथ्यपरकता, संतुलन और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

उन्होंने कहा कि फेक न्यूज, अधूरी जानकारी और भ्रामक सूचनाएं समाज में भ्रम फैलाती हैं। इसलिए मीडिया कर्मियों को चाहिए कि किसी भी समाचार को प्रकाशित करने से पूर्व तथ्यों की पुष्टि और क्रॉस-चेकिंग अवश्य करें।

“विश्वसनीयता ही प्रेस की सबसे बड़ी पूंजी”

उपायुक्त ने कहा कि प्रेस की प्रतिष्ठा उसकी विश्वसनीयता से ही बनी रहती है। फेक न्यूज के दौर में सत्यापन-आधारित रिपोर्टिंग और मूल्यों पर आधारित पत्रकारिता ही मीडिया की पहचान को और मजबूत बनाती है।

भ्रामक सूचनाओं पर व्यापक चर्चा

भारतीय प्रेस परिषद द्वारा सुझाए गए विषय “बढ़ती भ्रामक सूचनाओं के बीच प्रेस की विश्वसनीयता का संरक्षण” पर विभिन्न वरिष्ठ पत्रकारों ने अपने विचार रखे—

  • विशाल ठाकुर ने समाचारों की विश्वसनीयता बनाए रखने पर बल दिया।

  • राकेश शर्मा ने मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ती फेक न्यूज को गंभीर समस्या बताया।

  • कश्मीर सिंह ठाकुर ने सभी पत्रकारों से भ्रामक सामग्री से बचने का आग्रह किया।

  • मनीष गारिया ने पत्रकारों के तकनीकी उन्नयन और फेक्ट-चेकिंग प्रशिक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया।

  • अश्वनी पंडित ने कहा कि समाचार संकलन पूरी जवाबदेही और निष्पक्षता के साथ होना चाहिए।

इसके अलावा अजय उपाध्याय, अरुण डोगरा, बंशीधर, विजयराज उपाध्याय, अनूप शर्मा, सुनील ठाकुर, शुभम राही, रेखा चंदेल, रणजीत सहित कई पत्रकारों ने भी चर्चा में भाग लिया और अपने सुझाव साझा किए।

जिला लोक सम्पर्क अधिकारी का संबोधन

जिला लोक सम्पर्क अधिकारी राजेश जसवाल ने कहा कि डिजिटल माध्यमों पर तेजी से फैलने वाली अपुष्ट जानकारियां सामाजिक अविश्वास को बढ़ाती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में प्रेस की जिम्मेदारी है कि वह सत्य, निष्पक्ष और सटीक जानकारी जनता तक पहुंचाए।

कार्यक्रम में जिले के सभी प्रमुख मीडिया संस्थानों से जुड़े पत्रकार उपस्थित रहे।